नगर पालिका में महिला सभासद के साथ अभद्रता मामले में जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को जांच के निर्देश दिए है। एसडीएम ने मामले की जांच तहसीलदार को सौंपी। तहसीलदार ने अधिशासी अधिकारी के बयान दर्ज किए।
करीब दो सप्ताह पहले नगर पालिका में सभासद रंजना रावत के साथ एक लिपिक का विवाद हो गया था। अधिशासी अधिकारी कार्यालय में हुए इस विवाद में सभासद ने लिपिक पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत ईओ से करते हुए उसे उसके पद से हटाकर मूल पद में लाने की मांग की।
लगातार मामला तूल पकड़ता गया और रंजना रावत के समर्थन में कांग्रेस पार्टी खुलकर सामने आ गई। धरने प्रदर्शन होने के साथ ही मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पहुंची। वहीं सोमवार को नगर पालिका के नौ निर्वाचित सभासदों ने कर्मचारी का पक्ष लेते हुए मामले की जांच करने की मांग की और बिना जांच के किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं करने की मांग उठाई।
मंगलवार को जिलाधिकारी ने एसडीएम कोटद्वार को मामले की जांच कराने के निर्देश दिए। एसडीएम स्तर ने तहसीलदार वेेदपाल सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच अधिकारी ने मामले को लेकर नगर पालिका ईओ से जानकारी ली और बयान दर्ज किए।
दूसरी ओर आपसी समझौते के भी प्रयास चलते रहे। नगर पालिका से लेकर तहसील में भी इसकी खूब चर्चाएं रही। काफी प्रयासों के बाद भी आपसी समझौता नहीं हो पाया। संभावना जतायी जा रही है कि बुधवार को दोनों पक्षों के बीच कुछ बात बन सकती है।