श्रीनगर। विकासखंड कीर्तिनगर के डांग कड़ाकोट में इंटर कॉलेज तो खुला पर छात्रों को भूगोल, इतिहास, अर्थशास्त्र और नागरिकशास्त्र आदि विषयों की पढ़ाई की सुविधा नहीं मिल पाई है। छात्रों को इन विषयों की पढ़ाई के लिए करीब 12 किलोमीटर दूर जीआईसी कीर्तिनगर या अन्य विद्यालयों का रुख करना पड़ रहा है। वहीं यहां भवन सहित मूलभूत सुविधाओं की कमी भी बनी है। स्थानीय निवासी राजेंद्र सिंह रावत ने बताया कि वर्ष 2015-16 में शासन ने इस विद्यालय को इंटरमीडिएट कॉलेज में उच्चीकृत किया था लेकिन उच्चीकरण के दौरान विद्यालय में विज्ञान वर्ग के भौतिक, रसायन, हिंदी, अंग्रेजी, और जीव विज्ञान आदि विषयों के पद ही सृजित किए गए। जिस कारण विद्यालय में मात्र विज्ञान वर्ग की कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। वहीं, कला वर्ग की पढ़ाई के लिए छात्रों को करीब 12 किलोमीटर दूर जीआईसी कीर्तिनगर जाना पड़ता है। बताया कि जीआईसी डांग कड़ाकोट क्षेत्र के केंद्र बिंदू में होने से अधिकतर गावों के छात्र यहीं शिक्षा ग्रहण करते है लेकिन कला वर्ग की मान्यता न होने से झिरकोटी व मुसाणगांव आदि के छात्रों को 12 से 14 किलोमीटर दूर जीआईसी कीर्तिनगर जाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में भवन और खेल मैदान का भी अभाव है। कक्षाओं का संचालन विधायक व अन्य निधियों से बने कक्षों में किया जा रहा है।
विद्यालय में कला वर्ग के पद सृजित नहीं हैं। पदों के सृजन की तैयारी चल रही हैै, शासन से कुछ आपत्तियां आई थी उनका निस्तारण किया जा रहा है। अभी विद्यालय में तीन कमरों की छत का मरम्मत कार्य चल रहा है। डॉ. वाईएस नेगी, खंड शिक्षाधिकारी कीर्तिनगर।