बिड़ला परिसर श्रीनगर मे निर्वाचन स्थल पर धरने पर बैठे छात्र
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एचएनबी केंद्रीय गढ़वाल विवि छात्र महासंघ (एपेक्स बॉडी) का चुनाव निरस्त कर दिया गया है। चुनाव में शामिल होने के लिए विवि के पौड़ी और टिहरी परिसर से ही विवि प्रतिनिधि (यूआर) पहुंचे। उन्होंने भी नामांकन नहीं कराया। महासंघ के चुनाव के लिए कम से कम 11 सदस्यों का कोरम जरूरी है, लेकिन चुनाव मेें प्रतिभाग करने दो ही सदस्य आए थे। बिड़ला परिसर के यूआर अंकित उछोली भी इसमें शामिल नहीं हुए। नतीजन कोरम के अभाव में मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रो. एसएन बहुगुणा ने महासंघ के चुनाव निरस्त कर दिए।
गढ़वाल विवि के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से 25 अगस्त को अधिसूचना जारी करते हुए 6 सितंबर को छात्र महासंघ के चुनाव की घोषणा की गई थी। गढ़वाल विवि के तीनों परिसरों में छात्रसंघ चुनाव 3 सितंबर को संपन्न हो गए थे। जबकि विवि से संबद्ध अन्य महाविद्यालयों में 9 सितंबर को चुनाव होने हैं। इसके बावजूद विवि ने छात्र महासंघ की चुनाव तिथि में बदलाव नहीं किया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को टिहरी की यूआर एकता रावत और पौड़ी के यूआर नितिन रावत निर्वाचन स्थल पर पहुंच गए। वहां अन्य यूआर के नहीं होने पर उन्होंने भी नामांकन नहीं कराया। निर्वाचन मंडल ने पूर्वाह्न 11.30 बजे तक यूआर का इंतजार किया, लेकिन कोई आया नहीं।
इससे नाराज छात्रों ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रो. बहुगुणा और चीफ प्रॉक्टर प्रो. अरुण बहुगुणा के समक्ष आक्रोश जताते हुए कहा कि जब विवि को पता था कि अन्य जगह चुनाव बाद मेें होने हैं, तो उन्हें बुलाया क्यों गया। विवि को नियमों की जानकारी नहीं है। उनका समय और पैसा बर्बाद हुआ है। लगभग 12 बजे प्रो. बहुगुणा ने चुनाव रद्द होने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि नामांकन न होने की वजह से चुनाव निरस्त किए गए हैं।
---इसलिए हुए चुनाव निरस्त
छात्र महासंघ के चुनाव में विवि से संबद्ध परिसर, महाविद्यालय और अन्य शिक्षण संस्थान के यूआर प्रतिभाग करते हैं। महासंघ में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, सहसचिव, कोषाघ्यक्ष समेत 6 कार्यकारिणी सदस्य होते हैं, इसलिए नियमानुसार चुनाव के लिए 11 या इससे अधिक सदस्यों की जरूरत थी, लेकिन चुनाव के लिए सिर्फ 2 ही सदस्य पहुंचे। मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. बहुगुणा ने बताया कि विवि ने पहले ही अधिसूचना जारी कर दी थी, इसलिए महाविद्यालयों को समय पर चुनाव कराने चाहिए थे। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को उनको कुछ संस्थानों से फोन भी आए थे कि वहां यूआर का निर्विरोध चुनाव हो गया है। वहां से यूआर आ जाएंगे, लेकिन वह आए नहीं।