पौड़ी में पत्रकारों से वार्ता करते आचार्य अनुसूया प्रसाद सुंदरियाल।
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मकरैण मेला समिति घुसगलीखाल के संयोजक आचार्य अनुसूया प्रसाद सुंदरियाल ने संस्कृति विभाग द्वारा ढोल-सागर पर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित किए जाने को सराहनीय पहल बताया है। उन्होंने बताया कि ढोल-सागर पर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता मार्च माह में आयोजित होगी। आयोजन के लिए जल्द ही स्थान भी चयनित कर लिया जाएगा।
मंगलवार को मुख्यालय पौड़ी में मकरैण मेला समिति के संयोजक आचार्य अनुसूया प्रसाद सुंद्रियाल ने पत्रकारों से वार्ता की। इस मौके पर कहा कि घुसगलीखाल में मकरैण मेले का आयोजन कर उत्तराखंड में सबसे पहले वर्ष 2000 में ढोल-सागर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसका राज्य गठन के बाद प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी समय के साथ आयोजन होता रहा है। अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन इस दिशा में अहम कड़ी साबित होगा। आयोजन में राज्य के विभिन्न जनपदों के ढोल-दमाऊं वादक शामिल होंगे। आचार्य ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र में ढोल सागर प्रशिक्षण केंद्र खुले तो यहां ढोल सागर को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना सरकार की एक उपलब्धि होगी। समिति के सचिव कमल रावत ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी ने लोक वाद्ययंत्र प्रशिक्षण केंद्र गैरसैंण में खोले जाने की घोषणा की थी। लेकिन वह घोषणा साकार रुप नहीं ले पाई है।