देवप्रयाग। देवप्रयाग के निकटवर्ती टुंगरियालकांडा गांव की एक महिला छह दिन बाद बीहड़ जंगल से सुरक्षित घर लौटी है। इससे पहले परिजनों की ओर से महिला की गुमशुदगी भी दर्ज कराई गई थी।
दरअसल, मानसिक रूप से अस्वस्थ रामी देवी 15 जनवरी की सुबह अचानक घर से लापता हो गई थीं। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन करने के बाद भी जब उनका कोई सुराग नहीं लगा, तो पति शैलान सिंह भंडारी ने थाना देवप्रयाग में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस और स्थानीय लोग तलाश कर रहे थे, लेकिन सफलता नहीं मिली। इस बीच, खोजबीन के अभियान में जुटी कुछ महिलाएं गांव से करीब छह किलोमीटर दूर दशरथ चोटी की ओर बढ़ीं। वहां सात हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित बीहड़ और निर्जन जंगल में रामी देवी को गुमसुम बैठा देख सबकी आंखें फटी की फटी रह गईं। अत्यंत विषम परिस्थितियों में रहने के बावजूद रामी देवी महिलाओं के साथ पैदल चलकर अपने घर तक पहुंचीं। इस दाैरान उनकी स्थिति इतनी सामान्य और स्वस्थ थी कि परिजनों को उन्हें अस्पताल ले जाने की भी आवश्यकता महसूस नहीं हुई।