जम्मू और श्रीनगर एयरपोर्ट के बाद लद्दाख के अतिसंवेदनशील लेह एयरपोर्ट की सुरक्षा का जिम्मा भी सीआईएसएफ ने संभाल लिया है। बुधवार को लद्दाख पुुलिस ने सुरक्षा का कार्यभार सीआईएसएफ को सौंप दिया। अत्याधुनिक हथियारों से लैस 185 जवानों को एयरपोर्ट पर तैनात किया गया है, जो लगातार सुरक्षा देखेंगे। समुद्रतल से 3256 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कुशोक बकुला रिंपोछे एयरपोर्ट देश में सबसे ऊंचाई पर स्थित कामर्शियल एयरोड्रोम है। एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया का यह 64वां एयरपोर्ट है, जिसकी सुरक्षा की जिम्मेवारी सीआईएसएफ को सौंपी गई है।
बुधवार को सुरक्षा व्यवस्था में औपचारिक बदलाव को लेकर आयोजित कार्यक्रम में सीआईएसएफ के महानिदेशक राजेश रंजन, महानिदेशक एयरपोर्ट्स एमए गणपति और एयरपोर्ट निदेशक सोनम नुरबू मुख्य रूप से उपस्थित थे। एयरपोर्ट से एयर इंडिया, विस्तारा, गो एयर और स्पाइस जेट की लेह-दिल्ली रूट पर कामर्शियल फ्लाइटों का परिचालन होता है। महानिदेशक राजेश रंजन ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को फुलप्रूफ बनाए रखने के लिए इंतजाम सुनिश्चित होंगे। सीआईएसएफ एयरपोर्ट के बाहरी क्षेत्र पर नजर रखने के अलावा दाखिल होने वाले हर यात्री की जांच करते हैं।
दविंदर के पकड़े जाने तेजी से किया बदलाव
जम्मू एयरपोर्ट और श्रीनगर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुरक्षा को पहले ही सीआईएसएफ को सौंपा जा चुका है। आतंकी कनेक्शन को लेकर डीएसपी दविंदर सिंह के श्रीनगर में पकड़े जाने के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा को सीआईएसएफ के हवाले करने की प्रक्रिया को तेज किया गया था। सीआईएसएफ के जवान एके शृंखला की राइफलाें समेत इंसास से लैस हैं। इस बल के पास विशेष एविएशन सिक्योरिटी ग्रुप (एएसजी) भी है, जो एयरपोर्ट पर आतंक रोधी सुरक्षा कवच प्रदान करता है।