ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) के निर्देशों का उल्लंघन किया जा रहा है। यहां सड़क कटान का मलबा सीधे नदी में उड़ेला जा रहा है। जो नदी के पानी को प्रदूषित कर रहा है।
एनजीटी ने पहाड़ कटान का मलबा नदी में प्रवाहित करने पर रोक लगाई हुई है। इसे देखते हुए ऑल वेदर रोड परियोजना में जगह-जगह डंपिग जोन बनाए गए हैं। परियोजना की शर्त के अनुसार, चट्टान काटकर निकाले गए मलबे को ट्रकों में भरकर डंपिग जोन में जमा किया जाना है। ताकि वनस्पतियों और जलीय जीव जंतुओं को नुकसान न पहुंचे, लेकिन इसके विपरीत सड़क पर काम कर रही एजेंसियां पैसा बचाने के लिए मशीनों से मलबे को नदी में गिरा रही हैं। सामाजिक कार्यकर्ता एमपी भट्ट ने बताया कि मूल्यागांव के समीप इन दिनों बदरीनाथ हाईवे का चौड़ीकरण कार्य चल रहा है। इसी स्थान के समीप डंपिंग जोन है। बावजूद मलबा नदी में फेंका जा रहा है। एजेंसी पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है। इधर, पीडब्लूडी राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता दिनेश बिजल्वाण का कहना है कि यह गलत है। सभी एजेंसियों को मलबे को डंपिंग जोन में ही डंप करने के निर्देश दिए जाएंगे।