यूजीसी (विवि अनुदान आयोग), एमएचआरडी और राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार ही परीक्षाएं होंगी। छात्रों की ओर से परीक्षाओं को लेकर लगातार किए जा रहे विरोध के बाद मंगलवार को गढ़वाल विवि कुलपति ने इस संबंध में विवि का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि आगामी एक सितंबर से शुरू होने वाली अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं कोरोना संक्रमण पर निर्भर करेंगी। यदि स्थिति सामान्य रहीं, तो तय समय पर परीक्षाएं होंगी, लेकिन स्थिति सामान्य न होने पर परीक्षा शेड्यूल में बदलाव हो सकता है, लेकिन अंतिम फैसला गाइडलाइन के आधार पर ही होगा।
मंगलवार को कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने बिड़ला परिसर छात्रसंघ अध्यक्ष अंकित रावत और उपाध्यक्ष अनमोल भंडारी की अगुवाई में छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की। इस दौरान छात्रसंघ पदाधिकारियों ने असाइनमेंट के आधार पर परीक्षा कराने, परीक्षा देने से छूट गए छात्रों को दूसरा मौका देने, आर्थिक आधार पर प्रवेश शुल्क में छूट और विभिन्न मदों की फीस न लेने की मांग की। जिस पर कुलपति ने कहा कि भविष्य को देखते हुए अंतिम सेमेस्टर के छात्रों का परीक्षा देना जरूरी है। अभी तक परीक्षा न कराए जाने के संबंध में किसी भी छात्र के अभिभावक का पत्र नहीं मिला है। यदि कोई छात्र परीक्षा देने से वंचित रह जाता है, तो उसको दूसरा और तीसरा मौका दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में परीक्षा जुलाई माह में तय हुई थी, लेकिन परिस्थितियां सामान्य न होने की वजह से परीक्षा नहीं हो पाई। अब एक सितंबर से परीक्षा तय की गई है, लेकिन परीक्षा का समय कोरोना संक्रमण पर निर्भर करेगा। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही परीक्षाएं करवाई जाएंगी। प्रो. नौटियाल ने कहा कि विवि में जो-जो शैक्षणिक, सांस्कृतिक व खेलकूद सहित अन्य कार्यक्रम नहीं होंगे उनकी फीस नहीं ली जाएगी। वहीं, आर्थिक आधार पर प्रवेश शुल्क में छूट पर विचार किया जाएगा। बैठक में मुख्य परीक्षा नियंत्रक प्रो. आरसी भट्ट, कुलसचिव प्रो. एनएस पंवार, मुख्य नियंता प्रो. अरुण बहुगुणा, प्रो. बीपी नैथानी, प्रो. राजपाल सिंह व डा. मुकुल पंत आदि मौजूद थे।
---रात में धरने से उठाया छात्र नेताओं को
श्रीनगर। गढ़वाल विवि के प्रशासनिक भवन में धरने पर बैठे छात्रों को पुलिस ने देर रात उठा दिया। विभिन्न मांगों को लेकर छात्रसंघ अध्यक्ष अंकित रावत, उपाध्यक्ष अनमोल भंडारी सहित कुछ छात्र सोमवार सुबह से धरने पर बैठे थे, जिन्हें पुलिस ने देर रात 9.30 बजे उठा दिया। कोतवाली के एसआई इंद्रजीत राणा छात्रों को जीप में बैठाकर कोतवाली ले आई। जहां कुछ देर बाद उनको छोड़ दिया गया।
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परीक्षाएं कराने पर भड़की एसएफआई
कोटद्वार। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने यूजीसी की गत 6 जुलाई की गाइडलाइन का विरोध करते हुए परीक्षाओं का आयोजन न कराने की मांग की है। मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने मानव संसाधन विकास मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है।
मंगलवार को एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार विकास अवस्थी के माध्यम से मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में कहा कि यूजीसी की ओर से जारी गाइडलाइन में स्नातक और परास्नातक के अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित करने का जो निर्णय लिया गया है, जो छात्रों के हित में नहीं है। कहा कि वर्तमान में पूरा देश वैश्विक महामारी कोराना से त्रस्त है और कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में परीक्षा कराना खतरे को आमंत्रित करना है। कहा कि गत चार माह से कक्षाओं का संचालन नहीं हुआ है। इंटरनेट सेवाओं के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन कक्षाएं भी असफल रही हैं। ज्ञापन प्रेषित करने वालों में एसएफआई के गढ़वाल विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष निवेदिता, पंकज, मृदुला, शुशांक आदि शामिल रहे। (संवाद)