नगरपालिका के वैकल्पिक चेंजिंग रूम भी बहे, पुलिस-प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
देवप्रयाग/श्रीनगर। दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते देवप्रयाग में अलकनंदा और भागीरथी का जलस्तर 5 से 6 मीटर बढ़ गया। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, रविवार सुबह दस बजे अलकनंदा 455 मीटर के सामान्य स्तर से बढ़कर 461 मीटर और गंगा 459.85 मीटर पर पहुंच गई, जिससे पवित्र संगम का मुख्य भाग जलमग्न हो गया और रामकुंड घाट, फुलारी घाट, श्रवणकुमार घाट व वेताल शिला पानी में समा गए, साथ ही नगरपालिका के वैकल्पिक चेंजिंग रूम भी बह गए।
उधर श्रीनगर में भी अलकनंदा का जलस्तर सुबह 533.80 मीटर दर्ज होने से अलकेश्वर घाट का निचला हिस्सा डूब गया। हालांकि नदी अभी 535 मीटर के चेतावनी स्तर और 536 मीटर के खतरे के निशान से नीचे है। सुरक्षा के मद्देनजर श्रीनगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कुलदीप सिंह और सिंचाई विभाग की अपर सहायक अभियंता बीना जोशी के नेतृत्व में पुलिस व प्रशासन लगातार निगरानी रख रहे हैं तथा लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की जा रही है।
सितंबर में नवंबर का अहसास, गर्म कपड़े और कंबल निकले बाहर
श्रीनगर। सितंबर माह के अंत में लगातार दो दिन से हो रही मूसलाधार बारिश ने श्रीनगर में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है और लोगों को नवंबर जैसी ठंड का अहसास होने लगा है। अचानक आई इस ठंडक के कारण घरों में पंखे बंद हो गए हैं। स्वेटर-गर्म कपड़े निकल आए हैं और लोगों को रात में रजाई-कंबल ओढ़ने पड़ रहे हैं। लगातार बारिश के चलते गोला बाजार, सब्जी मंडी और काला रोड जैसे व्यस्त बाजारों में लोगों की आवाजाही कम रही जिससे दुकानदार भी खाली बैठे नजर आए। स्थानीय निवासी अन्नू और मिताली ने बताया कि इस बेमौसम ठंड से समय से पहले ही सर्दियों का अहसास होने लगा है। ठंड बढ़ने के साथ ही बाजार में छाते, रेनकोट और खाने-पीने की चीजों जैसे भुट्टे, भुने चने की मांग बढ़ गई है। हालांकि ग्राहकों की कमी के चलते कारोबार प्रभावित हुआ है और कुछ दुकानदार समय से पहले दुकानें बंद कर घर लौट गए। संवाद