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ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग परियोजना प्रभावितों का धरना प्रदर्शन

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ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलमार्ग परियोजना में स्थायी रोजगार और प्रभावितों के हितों की रक्षा के लिए मॉनीटेरिंग कमेटी के गठन सहित अन्य मांगों के लिए चौरास क्षेत्र के परियोजना प्रभावितों ने एसडीएम ऑफिस में धरना-प्रदर्शन किया। प्रभावितों ने तहसीलदार के माध्यम से डीएम टिहरी को ज्ञापन भेजते हुए पूर्व में हुई बैठक में लिए गए निर्णयों पर कार्रवाई करने की मांग की गई। इसके साथ ही प्रभावितों ने प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई न होने की दशा में 15 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का भी निर्णय लिया है।
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बुधवार का नैथाणा-रानीहाट रेलवे प्रभावित संघर्ष समिति के बैनर तले रेलमार्ग परियोजना प्रभावित एसडीएम/तहसील कार्यालय कीर्तिनगर पहुंचे। जहां उन्होंने धरना-प्रदर्शन करते हुए कहा कि विगत 11 जून को प्रभावितों के प्रतिनिधिमंडल के साथ डीएम टिहरी की वार्ता हुई थी, जिसमें विभिन्न मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन मिला था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि डीएम ने आश्वस्त किया था कि प्रभावितों के हितों के संरक्षण के लिए एक मॉनीटेरिंग कमेटी का गठन होगा, जिसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी होगी, लेकिन इस कमेटी का क्या हुआ, किसी को कुछ नहीं पता। प्रभावितों ने आरएंडआर (पुनस्र्थापना एवं पुनर्विस्थापन) पॉलिसी के अंतर्गत प्रभावित परिवार के एक व्यक्ति को स्थायी रोजगार देने की मांग की। उन्होंने कहा कि परियोजना का काम कर रही निजी कंपनियां अस्थायी रुप से कार्यरत लोगों को 30 दिन के बजाय 26 दिन का वेतन दे रही हैं। जो श्रम कानून का उल्लंघन है। प्रदर्शन करने वालों में हिमालय बचाओ आंदोलन के संयोजक समीर रतूड़ी, कलावती देवी, सावित्री, नीमा, राखी, रुकमणि, उषा, सुमन, लक्ष्मी, शौकानी देवी, भगवान सिंह रावत, रोशनी, भारती, आशा, दुर्गा, वीरा, कांति और कमला आदि धरना-प्रदर्शन में शामिल थे।
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