स्टोन क्रशरों के निरस्तीकरण का शासनादेश जारी करने की मांग के लिए सीता देवी का आमरण अनशन आठवें दिन भी जारी रहा।
हालांकि डाक्टरों की सलाह पर प्रशासन ने सीता देवी से आमरण अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया।
सीता देवी ने स्वयं को स्वस्थ बताते हुए प्रशासन के अनुरोध ठुकरा दिया।
स्टोन क्रशरों के निरस्तीकरण का शासनादेश जारी किए जाने की मांग के लिए मलेथा के ग्रामीणों का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा।
समिति की अध्यक्ष विमला देवी ने कहा कि 25 जनवरी को आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल की देहरादून में मुख्यमंत्री हरीश रावत से वार्ता हुई थी।
वार्ता में मुख्यमंत्री ने सकारात्मक आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि शासनादेश जारी नहीं तक आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं दूसरी ओर सीता देवी के गिरते वजन व स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए प्रशासन से अनशन तुड़वाने का प्रयास किया, लेकिन सीता देवी ने कहा कि वह पूरी तरह स्वस्थ है।
प्रशासन की टीम में एसडीएम दीपेंद्र नेगी, कोतवाल एएस रावत व डाक्टर विनय कुमार त्यागी शामिल थे। मंगलवार को क्रमिक अनशन पर बैठने वालों में पार्वती भट्ट, रामप्यारी राणा, श्यामा देवी, सुंदर लाल, कीर्ति सिंह, रघुवीर सिंह नेगी आदि शामिल थे।