श्रीनगर। 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटाने के बाद पैदा हुए हालात और फिर कोरोना महामारी के चलते घाटी में पिछले एक साल के दौरान 20 से भी कम दिन स्कूल और कॉलेज खुले। स्कूल शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले साल 5 अगस्त को 370 हटने के बाद से सात महीने तक स्कूल और कॉलेज नहीं खुल पाए। 25 फरवरी को हालात थोड़े सुधरने पर शैक्षणिक संस्थान खुले लेकिन मार्च में कोरोना ममहामारी के चलते इन्हें फिर बंद करना पड़ा। तब से यही हाल है। हालांकि विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं।
कॉलेजों के निदेशक यासीन अहमद शाह के अनुसार 5 अगस्त 2019 के बाद से बंद पड़े कॉलेजों में विंटर ब्रेक के बाद 5 मार्च 2020 को कक्षाएं शुरू हुई थीं लेकिन ये तीन हफ्ते ही चलीं। उसके बाद फिर से कोरोना के चलते क्लास वर्क को सस्पेंड कर दिया गया और ऑनलाइन क्लास शुरू कर दी गई।
वहीं डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन कश्मीर (डीएसईके) के अधिकारियों के अनुसार अनुच्छेद 370 के हटने के बाद से पैदा हुई स्थिति के चलते सात महीने बाद 25 फरवरी 2020 को स्कूलों के दोबारा खुलने पर 13 लाख छात्र एक बार फिर स्कूल आए लेकिन मार्च के तीसरे सप्ताह में कोविड़-19 के चलते स्कूलों को बंद करना पड़ा। इससे पूर्व 5 अगस्त 2019 से पहले घाटी के स्कूल और कॉलेज 100 से भी कम दिन खुले।