नैथाणा मे ग्रामीणो से वार्ता के दौरान मौजूद भीड
- फोटो : SHRINAGAR
विकासखंड कीर्तिनगर के रानीहाट गांव में रेलवे स्टेशन का नाम रानीहाट नैथाणा करने और स्थायी रोजगार की मांग के लिए ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन सोमवार को 17वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान मध्यस्थता करने पहुंचे क्षेत्रीय विधायक, आबीएनएल के एजीएम व स्थानीय प्रशासन को ग्रामीणों को आक्रोश झेलना पड़ा। करीब पांच घंटे की वार्ता के बाद भी कोई परिणाम नहीं निकला। प्रभावित स्थायी रोजगार की मांग पर अड़े रहे, जिसके चलते वार्ता विफल रही।
सोमवार को रेलवे स्टेशन का नामकरण रानीहाट नैथाणा के नाम पर किए जाने व स्थायी रोजगार दिए जाने सहित कई मुद्दों पर प्रभावितों और आरबीएनएल के अधिकारियों की वार्ता हुई। इस मौके पर आरबीएनएल के एजीएम विवेक डंगवाल ने रानीहाट, नैथाणा व देवली के ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि तीन माह में रेलवे स्टेशन का नामकरण जनभावनाओं के अनुरूप किया जाएगा। इसके लिए ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव भेजने को कहा। इस पर ग्रामीण सहमत हुए, लेकिन जैसे ही प्रभावितों ने स्थायी रोजगार का मुद्दा उठाया मौजूद अधिकारियों ने प्रभावितों को नियोजन के माध्यम से रोजगार देने की बात कही, जिससे प्रभावित भड़क गए। प्रभावितों ने कहा कि उनकी भूमि रेल परियोजना में जाने से कई लोग भूमि हीन हो चुके है। ऐसे में उनके लिए स्थायी रोजगार की व्यवस्था की जानी चाहिए। कहा कि कई परिवार खेती पर निर्भर है। वर्ष 2014 से उनकी भूमि के क्रय विक्रय पर रोक लगाई गई। इस बीच संकट आने पर भी ग्रामीण अपनी भूमि नही बेच पाए। अब परियोजना में भूमि जाने से उनके संमुख आर्थिक संकट पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी स्थायी रोजगार की मांग पूरी नहीं हो जाती धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक विनोद कंडारी, तहसीलदार हरिहर उनियाल, आरबीएनएल के जनित शर्मा, विनोद बिष्ट, राजस्व निरीक्षक राय सिंह, मुकेश भट्ट, अवतार सिंह, आशा भट्ट, भीम सिंह, राकेश भट्ट, अनीता, नीमा, भारती चौहान, केवल कठैत, मनोज जोशी, राकेश चौहान, रोशन रुडोला व यशपाल आदि मौजूद थे।
नैथाणा मे वार्ता के दौरान स्थानीय विधायक विनोद कंडारी व आरबीएनएल के अधिकारी के समक्ष अपनी बात रख- फोटो : SHRINAGAR
नैथाणा मे ग्रामीणो से वार्ता के दौरान स्थानीय विधायक विनोद कंडारी व आरबीएनएल के अधिकारी के समक्?- फोटो : SHRINAGAR