देवप्रयाग। विकासखंड के मुनेठ सजवाण कांडा पेयजल योजना से नगर क्षेत्र देवप्रयाग को जोड़ने पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त कर जल संस्थान कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान विभाग के अधिशासी अभियंता के साथ जनप्रतिनिधियों की तीखी नोकझोंक हुई। तीन महीने के भीतर अस्थायी व्यवस्था को खत्म किए जाने के लिखित आश्वासन के बाद ही ग्रामीण शांत हुए।
बुधवार को राज्य आंदोलनकारी विनोद टोडरिया की अध्यक्षता में निकटवर्ती गांवों के प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने प्रदर्शन करते हुए जल संस्थान कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारी वर्ष 2016 में भागीरथी नदी से नौ ग्राम पंचायतों के लिए बनी मुनेठ सजवाण कांडा पेयजल योजना की सप्लाई चोरी छिपे नगर क्षेत्र में दिए जाने से आक्रोशित हैं।
जनप्रतिनिधियों के अनुसार निकटवर्ती गांवों में जल संकट के बावजूद भागीरथी से बनी पेयजल योजना से नगर क्षेत्र को जोड़ना पूरी तरह गलत है। जन प्रतिनिधियों द्वारा तत्काल नगर की सप्लाई हटाने की मांग पर अधिशासी अभियंता नरेश पाल सिंह से भी नोकझोंक हो गई। मुनेठ सजवाण कांडा पेयजल योजना से सप्लाई सुचारु रखने के लिए कुछ समय पहले भ्वींट गदेरे से जल संस्थान ने ट्यूबवेल भी लगाया था।
अधिशासी अभियंता नरेश पाल के अनुसार नगर क्षेत्र की जलापूर्ति करने वाली दीवानी गाड़ योजना के क्षतिग्रस्त होने पर मुनेठ सजवाण कांडा पेयजल योजना से अस्थायी व्यवस्था बनाई गई है। जनप्रतिनिधियों के आक्रोश को देखते हुए अधिशासी अभियंता द्वारा नवंबर तक अस्थायी व्यवस्था को समाप्त करने का लिखित आश्वासन दिया गया। जनप्रतिनिधियों ने तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर जल संस्थान कार्यालय पर तालाबंदी की चेतावनी दी है।
प्रदर्शनकारियों में ग्राम प्रधान आभा कोटियाल, रीना देवी, बबिता भट्ट, रजनी रावत, उमेर सिंह, वीरपाल, पूर्व प्रधान दिगंबर रावत, दर्मियान सिंह, राजेंद्र बिष्ट, धुव्र सिंह पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य जयमल सिंह, सुनीता देवी, रजनी टोडरिया, बलवंत सिंह, भगत सिंह आदि शामिल थे।