श्रीनगर। बैकुंठ चतुर्दशी मेले के चौथे दिन की सांस्कृतिक संध्या में लोक गायक साहब सिंह रमोला व आकांक्षा रमोला के गीतों की धूम रही। साहब सिंह रमोला ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत मां भगवती के जागर के साथ की। इस दौरान पंडाल में बैठे दर्शकों को गायक साहब सिंह रमोला व आकांक्षा रमोला ने अपने मार्मिक गीतों से बांधे रखा।
रविवार को आवास विकास मैदान में आयोजित बैकुंठ चतुर्दशी मेले की सांस्कृतिक संध्या में पहाड़ी गीतों की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। लोक गायक रमोला के जय रूपोनी भगवती, गैल्याणि, मेरी बांद सुषमा, ओंठडियों की हंसी जैसे गीतों का श्रोताओं ने भरपूर आनंद उठाया। वहीं आकांक्षा रमोला के मेरा सौंजड्या, मेरी कमला, बिराणी ह्वेगे, ओ साथी जैसे गीत गाकर दर्शकों के दिलों में घर कर लिया। साथ ही शैलनट संस्था को गैंडा कौथिग प्रस्तुत करने पर मेला समिति की ओर से सम्मानित किया गया।
गीतों की प्रस्तुति देने वालों में सरगम, समीक्षा, कुलबीर, सचिन ने सहगायक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही संगीतकार के रूप में सुभाष पाण्डेय, विनोद चौहान, पंकज शाह व रवि थापा मौजूद रहे। इसी के साथ सूरज, रानी, सीमा, प्रीति, भारती, ऋतिक, अभिषेक व अजय ने भी नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दीं।