श्रीनगर। बैकुंठ चतुर्दशी मेले में रविवार की शाम गढ़वाली-हिंदी कवि सम्मेलन में कवियों ने एक से बढ़कर एक काव्य रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। इससे पूर्व कवि सम्मेलन का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि भाजपा नेता राजेंद्र बिष्ट व एसडीएम नुपूर वर्मा ने किया।
आवास विकास प्रदर्शनी मैदान में आयोजित कवि सम्मेलन की शुरूआत कवयित्री साईनीकृष्ण उनियाल ने सरस्वती वंदना से की। इसके बाद बतौर कवि जीएसटी डिप्टी कमिश्नर विजय कुमार द्रोणी ने अंधेरा दिलों में बहुत है, कवयित्री अनिता काला ने चंद्रकुवंर बर्त्वाल को याद करते हुए फिर बरसेंगे मेघा रिमझिम, गिरीश सुंद्रियाल ने फूल बनि-बनि देखिन धरती व सुण हे बीज बात मेरीगढ़वाली रचना का शानदार पाठ किया। साईनीकृष्ण उनियाल ने बेटी पर आधारित रक्षक की नाक के नीचे भक्षित होती रही बेटियां, गढ़वाली कवि देवेंद्र उनियाल ने फेसबुक पर आधारित वर्षु पैलि जु ऑफलाइन दगड़िया नि बणी, प्रसिद्ध कवि जयकृष्ण पैन्यूली ने माटी तूने बहुत इतिहास देखा है, इस देश को खास देखा हैसंचालन कर रहे अंतरराष्ट्रीय कवि नीरज नैथानी ने जोशीमठ आपदा पर हां मैं जोशीमठ बोल रहा हूं कविता का हृदयस्पर्शी पाठ किया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे प्रकाश चमोली ने जीवन की मंडी का संग ही निराला है कविता का पाठ किया। उन्होंने अंत में कवि सम्मेलन में पहुंचे कवियों की कविताओं की समीक्षा कर उनकी रचनाओं की सराहना की। मौके पर सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी, व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष वासुदेव कंडारी, व्यापार सभा अध्यक्ष श्रीनगर दिनेश असवाल, व्यापार सभा अध्यक्ष डांग सौरभ पांडेय, विजयलक्ष्मी रतूड़ी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन राकेश मोहन कंडारी ने किया।