देवप्रयाग। पहाड़ों में लचर स्वास्थ्य सेवाओं ने एक और महिला की जान ले ली। बस से उतरते समय संतुलन बिगड़ने पर महिला सड़क पर गिरकर गंभीर घायल हो गई थी। महिला को सीएचसी हिंडोलाखाल से श्रीनगर रेफर किया गया, वहां से ऋषिकेश एम्स रेफर कर दिया गया। बेड नहीं मिलने पर उन्हें जौलीग्रांट अस्पताल ले जाया गया जहां देर रात महिला की मौत हो गई। घटना से आक्रोशित जनप्रतिनिधियों ने गहरी नाराजगी व्यक्त कर डीएम को ज्ञापन भेजा है।
जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार शाम को पंचूर गांव निवासी 50 वर्षीय बृहस्पति देवी घर से ब्लॉक मुख्यालय हिंडोलाखाल आईं थीं। यहां बस से उतरते समय वह फिसल कर सड़क पर गिर पड़ीं, जिससे उसके सिर व पेट के नीचे गहरी चोट आ गई। उनको तुरंत सीएचसी हिंडोलाखाल ले जाया गया। डॉक्टरों ने रक्तस्राव को नियंत्रित कर सर्जरी के लिए श्रीनगर रेफर कर दिया। वहां स्थिति नाजुक होने पर श्रीनगर से ऋषिकेश एम्स के लिए रेफर कर दिया गया।
महिला के परिजनों ने बताया कि एम्स में बेड नहीं मिलने पर जौलीग्रांट अस्पताल ले जाना पड़ा। इस दौड़भाग में छह घंटे गुजर गए और उनकी हालत नाजुक हो गई। जौलीग्रांट में तमाम कोशिशों के बाद भी डॉक्टर उन्हें बचा नहीं पाए। महिला के बेटे सूरजचंद व भतीजे प्रदीप चंद कुमांई ने कहा कि यदि समय पर उपचार मिल जाता तो आज मां जिंदा होती। घटना से आक्रोशित जन प्रतिनिधि शुक्रवार को सीएचसी हिंडोलाखाल पहुंचे और यहां की बदहाल स्थिति के लिए प्रशासन व क्षेत्रीय विधायक को जिम्मेदार बताया।
अस्पताल की डॉ. तानिया ने बताया कि सीएचसी में उपलब्ध साधनों से महिला की जान बचाने की पूरी कोशिश की गई लेकिन सर्जन व अल्ट्रासाउंड नहीं होने से श्रीनगर रेफर करना पड़ा। क्षेत्र पंचायत सदस्य अरविंद सजवाण, पूर्व प्रमुख जयपाल पंवार, पूर्व ग्राम प्रधान संगठन अध्यक्ष सोबन सिंह चौहान, ग्रामप्रधान रघुवीर रावत, ज्योति कठैत आदि ने इस मुद्दे पर बीडीओ के माध्यम से डीएम टिहरी को भी ज्ञापन भेजा। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर जन आंदोलन शुरू करने की चेतावनी भी दी।