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Pauri News: गांवों व यूपी से लोगों ने किया कोटद्वार का रुख, पांच साल में बढ़े 14,388 मतदाता

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पौड़ी। प्रदेश में निकाय चुनाव की सरगर्मियों के बीच चुनाव आयोग ने मतदाता सूची जारी कर दी है। जिसके बाद जनपद पौड़ी के सात निकायों की नई तस्वीर उभरी है। यहां पांच सालों में पांच निकायों में 19 हजार 766 बढ़े हैं। जिसमें सबसे ज्यादा मतदाता नगर निगम कोटद्वार में 14 हजार 388 मतदाताओं की संख्या में इजाफा हुआ है। नगर निगम श्रीनगर में 4 हजार 834 मतदाता बढ़े हैं। तीन निकायों में गिनती के ही मतदाता बढ़े हैं। नगर पालिका पौड़ी जिले का अकेला निकाय है, जहां पांच साल में 1 हजार 543 मतदाता घट गए हैं।
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जिला निर्वाचन विभाग (निकाय/पंचायत) पौड़ी के आंकड़ों के अनुसार जनपद के 7 निकाय क्षेत्रों में कुल 1,73,028 मतदाता हैं। इनमें 86891 पुरुष, 86095 महिला व 42 ट्रांस जेंडर मतदाता शामिल हैं। वर्ष 2018 में जनपद पौड़ी में 6 निकाय क्षेत्रों में कुल 1,52,479 मतदाता थे। इन आंकड़ों में खास बात यह है कि जनपद पौड़ी के निकाय क्षेत्रों में 19 हजार 766 मतदाता बढ़े हैं। निकायवार स्थिति पर नजर दौड़ाएं, तो नगर निगम कोटद्वार एकमात्र ऐसा निकाय है, जहां बीते पांच सालो में 14 हजार 834 मतदाता बढ़े हैं। राजनीतिक विशेषज्ञ इसके पीछे जिले के नगर निगम कोटद्वार के समीपवर्ती विकास खंडों के गांवों और यूपी से लोगों का रुख कोटद्वार की ओर होना बता रहे हैं। साथ ही व्यवसाय, नौकरी की बढ़ी संभावनाएं, बेहतर यातायात सुविधा इसके पर्याय हो सकते हैं। नगर निगम श्रीनगर में शिक्षा का हब होने, नगर पालिका से निगम में विस्तारित होने के बावजूद, यहां 4 हजार 834 मतदाता ही बढ़े हैं। इसको लेकर विशेषज्ञ बताते हैं कि मतदाताओं ने निकाय के बजाय गांव में मतदान को प्राथमिकता दी है। नगर पंचायत स्वर्गाश्रम-जौंक में 409, सतपुली में 69 व नगर पालिका दुगड्डा में 66 मतदाता ही बढ़े हैं। जबकि नगर पालिका पौड़ी में 2018 में 16हजार 323 मतदाता थे, जो घटकर 14 हजार 780 रह गए हैं। नवसृजित नगर पंचायत थलीसैंण में 2 हजार 335 मतदाता हैं।



वार्ड 13 से हुए 40, लेकिन मतदाता बढ़े सिर्फ 4,820



पौड़ी। नगर निगम श्रीनगर का श्रेणी बदली, क्षेत्र का विस्तार अवश्य हुआ, लेकिन यहां मतदाताओं की संख्या में खास इजाफा नहीं हुआ है। वर्ष 2018 में यह नगर पालिका थी और यहां 13 वार्ड थे। जिनमें कुल 24 हजार 173 मतदाता थे। अब नगर पालिका से यह नगर निगम बन गया है। यहां वार्डों की संख्या 13 से बढ़कर 40 हो गई है। क्षेत्र का भी विस्तार हो गया है, लेकिन मतदाता 28 हजार 993 हैं। जो वर्ष 2018 के के सापेक्ष सिर्फ 4 हजार 820 मतदाता अधिक हैं।
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सिर्फ 292 वोट में चुना जाएगा पार्षद



पौड़ी। कहने के लिए श्रीनगर नगर निगम बन गया है। लेकिन यहां लाखों में नहीं, हजारों में नहीं, सिर्फ 292 वोट में पार्षद चुना जाएगा। इस निकाय के 40 वार्डों में सबसे ज्यादा ऐठाणा डांग-3 वार्ड में 1308 मतदाता हैं। जबकि ऐठाणा डांग-4 वार्ड में सबसे कम 292 मतदाता हैं।

निकाय का नाम वर्ष 2018 में मतदाता वर्ष 2024 में मतदाता बढ़े घटे

नगर निगम कोटद्वार- 1,04,108 1,18,496 14,388

नगर निगम श्रीनगर- 24,173 29,007 4,834



नगर पंचायत स्वर्गाश्रम-जौंक- 3,749 4,158 409



नगर पालिका पौड़ी- 16,323 14,780 1,543

नगर पंचायत सतपुली- 2,706 2,775 69

नगर पालिका दुगड्डा- 1,420 1,486 66



नगर पंचायत थलीसैंण- 2,335 -



कुल 1,52,479 1,73,028 19,766 1,543



- निकायों की मतदाता सूची के बाद सामने आए आंकड़ों की माने, तो कोटद्वार में मतदाता बढ़ना वहां की बेहतर सुविधाएं हो सकती हैं। जिले के समीपवर्ती विकास खंडों के गांवों, यूपी से लोगों ने कोटद्वार को प्राथमिकता दी है। नगर निगम श्रीनगर में मतदाता की संख्या तो बहुत है, लेकिन जारी आंकड़े बता रहे हैं कि मतदाताओं ने नगर के बजाय गांवों को चुना है। पौड़ी में मतदाता घटना सुविधाओं के अभाव, मंडलीय व जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारियों का पलायन मुख्य कारण हैं। -प्रो. एमएम सेमवाल, राजनीतिक विश्लेषक, गढ़वाल विवि श्रीनगर गढ़वाल।



- हम सुविधाओं के लिहाज से गांवों से शहरों का रुख कर रहे हैं, लेकिन अपने पैतृक गांव से जुड़े रहने के लिए मतदाता सूची में नाम आज भी गांव में ही दर्ज कर रहे हैं। यह नगरीय मतदाताओं की संख्या में कमी की बड़ी वजह है। इसके अलावा निर्वाचन विभाग कहीं ना कहीं सघनता से मतदाता जागरुकता की दिशा में ठोस कार्य नहीं कर पा रहा है। -अनिल स्वामी, प्रसिद्ध समाजसेवी।



- जिले के निकाय क्षेत्रों में मतदाताओ की संख्या में 19 हजार से अधिक की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। पौड़ी में मतदाता घटे हैं, कुछ निकायों में भी स्थिति उत्साहजनक नहीं है। मतदाता जागरुकता को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। -डाॅ. आशीष चौहान, जिला निर्वाचन अधिकारी पौड़ी।
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मनोहर
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