- 50 मीटर फ्री स्टाइल की तैराकी को 29.49 सेकंड में किया पार
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मुकेश चंद्र आर्य
पौड़ी। पौड़ी की बेटी ईरा ने जनपद और प्रदेश का नाम देश में रोशन किया है। युवा तैराक ईरा रावत ने एसजीएफआई (स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) के तहत हुए 69वें नेशनल स्कूल गेम्स 2025-26 में रजत पदक जीता है। एसजीएफआई में पदक जीतने वाली ईरा राज्य की पहली तैराक बन गई हैं। एसजीएफआई में बेहतर प्रदर्शन के बाद ईरा अगले साल होने वाले जूनियर नेशलन खेलों में भी प्रतिभाग करेंगी। इसके लिए वह इसके लिए कोच उदय प्रताप सिंह चौधरी और फिजिकल ट्रेनर भारत पुनिया से प्रशिक्षण ले रहीं हैं।
नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में बीते 11 से 16 दिसंबर तक 69वें नेशनल स्कूल गेम्स आयोजित हुए। इसमें देश भर के सीबीएसई बोर्ड के विद्यालयों से चयनित खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। ईरा रावत ने बताया कि प्रतियोगिता में उन्होंने दूसरे स्थान पर रही। ईरा ने 50 मीटर फ्री स्टाइल की तैराकी का 29.49 सेकंड में पूरा कर दूसरा स्थान हासिल किया। जिला मुख्यालय पौड़ी से सटे खातस्यूं पट्टी के कलूंण गांव निवासी बिजेंद्र रावत और किरन रावत की बेटी ईरा रावत इन दिनों देहरादून के महाराणा प्रताप स्टेडियम में पेशेवर तैराकी के हुनर को तराश रही हैं। 13 वर्षीय ईरा वर्तमान में कक्षा नौ में पढ़ रही हैं। बताया कि पिता बिजेंद्र रावत उद्यमी हैं जबकि माता किरन रावत बोर्डिंग अध्यापिका हैं। माता पिता ने बताया कि पिछले सालों में भी ईरा कई प्रतियोगिताओं में स्वर्ण और रजत पदक जीत चुकी हैं। पिता बिजेंद्र रावत ने बताया कि तैराकी काफी महंगा खेल है। ईरा को पेशेवर तैराक बनाने के लिए हर महीने करीब 50 से 60 हजार रुपये होते हैं। ऐसे में उन्होंने सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि बढ़ाने व खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन दिए जाने की अपील की है जिससे ईरा जैसे अन्य तैराक देश का नाम रोशन कर सकें।