पौड़ी। जनपद पौड़ी में जहां विषम भौगोलिक परिस्थितियां, सीमा क्षेत्र में विस्तार, आपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है। वहीं उत्तर प्रदेश जैसे संवेदनशील राज्य की सीमा भी इससे जुड़ी है। ऐसे में कानून व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखना पुलिस विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। पुलिस इस जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से संभालने की कोशिश तो कर रही है। लेकिन अधिकारी-कर्मचारियों की भारी कमी विभाग के कामकाज पर विपरीत प्रभाव डाल रही है। जिले में पुलिस उपाधीक्षक के चार पद हैं। इनमें पहले ही दो सेवारत थे, उनका भी तबादला हो गया है। जबकि जनपद पौड़ी को एक ही उपाधीक्षक मिली हैं। वह पहले ही मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन कर चुकी हैं। जिले में इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, एएसआई के अलावा कांस्टबलों के पद बड़ी संख्या में खाली पड़े हैं। यह हालात सिर्फ सिविल पुलिस की ही नहीं है, बल्कि उसके सभी शाखा कार्यालयों में भी कमोवेश यही स्थिति बनी है।जनपद पौड़ी में सीओ के चार पद स्वीकृत हैं। इनमें सीओ सदर पौड़ी, श्रीनगर, कोटद्वार के अलावा सीओ ऑपरेशन का पद शामिल है। सीओ सदर पद पर अनुज कुमार तैनात हैं। उनके पास श्रीनगर का अतिरिक्त प्रभार है। जबकि सीओ काेटद्वार विभव सैनी पर सीओ ऑपरेशन की अतिरिक्त जिम्मेदारी है। लेकिन दोनों अधिकारियों का तबादला ऊधमसिंहनगर हो गया है।
चार पदों के सापेक्ष जिले को अनुषा बडोला एकमात्र सीओ मिली हैं। लेकिन वह पहले ही मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन कर चुकी हैं। ऐसे में जनपद पौड़ी बिना सीओ के हो गया है। जनपद पौड़ी में इंस्पेक्टर के 10 पद स्वीकृत हैं। यहां 10 अधिकारी तैनात हैं। उनमें 6 सेवारत हैं। जबकि एक पुलिस मुख्यालय, एक साइबर क्राइम व दो एसटीएफ देहरादून से संबद्ध चल रहे हैं।
सब इंस्पेक्टर पुलिस के 67 पदों के सापेक्ष 50 सेवारत और 17 रिक्त चल रहे हैं। हालांकि महिला सब इंस्पेक्टर के जिले में सिर्फ 2 पद स्वीकृत हैं। लेकिन 11 सेवारत हैं। एएसआई पुरुष के स्वीकृत 46 पदों पर 39, 7 रिक्त और महिला एएसआई के स्वीकृत 5 पदों में 2 सेवारत व 3 पद खाली पड़े हैं। सेवारत दोनों एएसआई में एक-एक देहरादून संबद्ध है। सबसे खराब स्थिति कांस्टबलों के पदों पर बनी है। यहां 356 पदों के विपरीत 174 सेवारत और 182 पद खाली पड़े हैं। अधिकारी-कर्मचारियों की कमी सिविल पुलिस में नहीं, बल्कि सशस्त्र पुलिस शाखा, परिवहन शाखा, एनआईयू, फायर सर्विस, जल पुलिस, लिपिक संपर्क में भी बनी हुई है।
36 अधिकारी-कर्मचारी चल रहे संबद्ध
पुलिस विभाग पौड़ी में सेवारत 36 अधिकारी-कर्मचारी संबद्ध चल रहे हैं। इनमें सबसे 13 देहरादून, हरिद्वार व एसटीएफ में 3-3, स्पोर्ट्स कॉलेज में 2 सहित अन्य स्थलों पर संबद्ध हैं।
गुप्तचरों व फायर कार्मिकों का भी बना है टोटा
जनपद पौड़ी पुलिस की एलआईयू (अभिसूचना इकाई) शाखा कार्मिकों की कमी से जूझ रही है। यहां हेड कांस्टेबल के 14 पदों पर 8 सेवारत व 6 रिक्त, कांस्टेबल के 18 पदों में केवल 6 सेवारत और 12 पद खाली पड़े हैं। वहीं फायर सर्विस में एफएसओ का एक, एफएसएसओ व लीडिंग फायरमैन के 3-3, चालक के 2, फायरमैन के 28, एएसआई (एम) के 2, चतुर्थ श्रेणी के 10 पद रिक्त चल रहे हैं।
आपात स्थिति से निपटने को नहीं है समुचित जल पुलिस
जल पुलिस में हेड कांस्टेबल के दो पदों के सापेक्ष 3 सेवारत हैं। कांस्टेबल के 4 पदों पर सिर्फ 1 सेवारत है। मोटर बोट चालक का 1 पद खाली है। हालांकि गोताखोर के 2 पदों पर 3 सेवारत हैं। वहीं परिवहन शाखा में हेड कांस्टेबल एमटी के 4 पद रिक्त पड़े हैं। संचार शाखा में एसआई रेडियो के 2, कांस्टेबल के 5 पद रिक्त हैं।
सशस्त्र पुलिस शाखा में 179 पद हैं रिक्त
सशस्त्र पुलिस शाखा पौड़ी में पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के 179 पद खाली पड़े हैं। इनमें एसआई के 2, एसआई व एएसआई यातायात, कांस्टेबल शेडो के 7-7, हेड कांस्टेबल यातायात के 5, कांस्टेबल यातायात के 16, हेड कांस्टेबल सशस्त्र पुलिस के 30, कांस्टेबल के 76, चतुर्थ श्रेणी के 24 पद रिक्त हैं। लिपिक संवर्ग के पत्र व्यवहार में सहायक लिपिक के 4, गोपनीय में आशुलिपिक का 1, आंकिक में सहायक आंकिक के 3 पद खाली हैं।
ये आ रहीं परेशानियां
पुलिस विभाग में अधिकारी-कर्मचारियों की कमी से जहां सेवारत अधिकारी-कर्मचारियों पर अतिरिक्त काम का दबाव है। वहीं जिले में चल रही जांचों का पर्यवेक्षण प्रभावित हो रहा है। सीओ स्तर की जांचें, पुलिस इकाइयों का अर्द्धवार्षिक-वार्षिक निरीक्षण, सामान्य कानून व्यवस्था के कार्य, वीआईपी प्रोटोकॉल, संगीन अपराधों का स्थलीय निरीक्षण, पुलिस के विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
- जनपद में सेवारत दोनों सीओ का तबादला होने व एक सीओ मिलने पर पुलिस मुख्यालय को पत्र भेजा है। हालांकि अभी किसी सीओ को रिलीव नहीं किया गया है। इसके अलावा भी जनपद में अधिकारी-कर्मचारियों की कमी चल रही है। मुख्यालय से इस संबंध में भी वार्ता की जाएगी। -लोकेश्वर सिंह, एसएसपी पौड़ी।
- पौड़ी जिले में सीओ के पदों पर अधिकारियों की समुचित तैनाती को लेकर डीजीपी महोदय से वार्ता की गई है। जिले को जल्द ही अधिकारी मिल जाएंगे। पुलिस कार्मिकों की कमी को लेकर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है। -करन सिंह नगन्याल, आईजी गढ़वाल।