पाबौ। पीपीपी मोड से हटने के बाद पाबौ सीएचसी में भी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का टोटा हो गया है। सीएचसी पाबौ में स्टाफ की कमी मरीजों पर भारी पड़ने लगी है। अस्पताल फिलहाल दो चिकित्सकों व चार नर्सिंग स्टाफ के भरोसे चल रहा है। अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, डेंटल सर्जन, एक्स-रे तकनीशियन आदि पद रिक्त चल रहे हैं। वहीं स्थानीय लोगों ने सात दिनों में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं सुचारु न किए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।जिला अस्पताल पौड़ी के बाद पाबौ सीएचसी में भी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं गड़बड़ा गई हैं। अस्पताल में कर्मचारियों के 28 पदों के सापेक्ष 14 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। स्थानीय मनोज रावत, कर्मवीर भंडारी आदि ने बताया कि 20 से 25 गावों की स्वास्थ्य व्यवस्था पाबौ के जिम्मे है। यहां उपचार नहीं मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों से मरीजों को पौड़ी व श्रीनगर अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
उन्होंने अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए चिकित्सकों व स्टाफ की शीघ्र तैनाती करने की मांग की है। वहीं सीएमओ डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि सीएचसी पाबौ में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को अपडेट करने के प्रयास किए जा रहे हैं।