श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि के चौरास परिसर में बने सीयूईटी प्रवेश परीक्षा केंद्र में परीक्षा देने के लिए करीब 150 से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इन अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र दूर-दराज के शहरों में आवंटित होने से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विवि प्रशासन का कहना है कि एनटीए को विवि के माध्यम से यह आवेदन भेजे गए हैं, जल्द ही अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र में बदलाव किया जाएगा।
सीयूईटी-यूजी की प्रवेश परीक्षा 11 मई से शुरू होगी। इस परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र पंजाब, हल्द्वानी, रुड़की आदि शहरों में आवंटित होने से पर्वतीय क्षेत्र के अभ्यर्थी परेशान हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि इतने दूर आवंटित परीक्षा केंद्रों पर आने-जाने के लिए उन्हें समय के साथ ही आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ेगा। अभ्यर्थियों की इस परेशानी को देखते हुए गढ़वाल विवि प्रशासन की ओर से एनटीए को परीक्षा केंद्रों में संशोधन के लिए पत्र भेजा गया था। साथ ही विवि के छात्र नेताओं ने परीक्षा का बहिष्कार करने की चेतावनी भी दी थी। इस समस्या को देखते हुए एनटीए ने परीक्षा केंद्र में संशोधन के लिए सात मई तक पोर्टल भी खोला था। पोर्टल के माध्यम से परीक्षा केंद्र संशोधन में आ रही दिक्कतों को देखते हुए गढ़वाल विवि की ओर से भी अभ्यर्थियों के आवेदन लिए गए। विवि के कुलसचिव प्रो. वाईपी रैवानी ने बताया कि विवि के माध्यम से करीब 150 अभ्यर्थियों के आवेदन एनटीए को भेज दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही इन अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र संशोधित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि चौरास परिसर परीक्षा केंद्र में एक शिफ्ट में करीब 100 से अधिक अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा देने की व्यवस्था की गई है। परीक्षाएं तीन शिफ्ट में होंंगी।