पौड़ी। उमेश डोभाल ट्रस्ट की पहल पर मुख्यालय में वीर चंद्रसिंह गढ़वाली व्याख्यान माला के तहत गोष्ठी आयोजित की गई। इस मौके पर विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने जल, जंगल, जमीन व भू- कानून आदि समसामयिक विषयों पर चर्चा की।
नगर पालिका सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता संस्कृतिकर्मी इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि 1902 तक अंग्रेजों ने 11 बार भूमि का बंदोबस्त किए। कहा कि उनका तत्कालीन उद्देश्य भले ही कुछ भी रहा हो, लेकिन भूमि का आकलन व परिस्थितियों को लेकर ठोस कार्य हुए। चिंता जताई कि राज्य में भूमि का सुधार, कृषि योग्य भूमि का विस्तार आदि बुनियादी विषयों पर सरकार को कोई सरोकार नहीं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मोतीबाग के प्रणेता व वयोवृद्ध कवि पं. विद्यादत्त शर्मा ने राज्य का धर्म है श्रम को महत्ता दे पर जोर देने की बात कही। कहा कि श्रम को महत्व मिलेगा तो खेत बचेंगे और कृषि बागवानी बचेगी, गांव बचेगा। ट्रस्ट के सचिव नरेश नौडियाल व शिक्षक नेता मुकेश बहुगुणा ने भूमिहीनों को भूमि मिले, ने भूमि बंदोबस्त, प्रत्येक परिवार को कृषि बागवानी के लिए भूमि देने, सिंचाई की व्यवस्था के साथ-साथ कृषि योग्य भूमि आदि विचार रखे। गोष्ठी में जल, जंगल, जमीन व भू-कानून को लेकर 11 बिंदुओं का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को प्रेषित किया। इस मौके पर नागरिक कल्याण मंच के अध्यक्ष रघुवीर सिंह रावत, प्रादेशिक शिल्पकार कल्याण संगठन के सुनील कुमार, कार्यकारी अध्यक्ष विमल नेगी, सुरेंद्र रावत सूरी, रवि रावत, आशीष नेगी, विनय शाह, मनोहर चमोली और यमुनाराम आदि शामिल रहे।