राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में भी ईईजी (इलेक्ट्रोएंसेफेलोग्राफी)/ विद्युत मस्तिष्क लेखन जांच की सुविधा उपलब्ध हो गई है, जिसके चलते दिमागी बीमारी या दौरे की समस्या झेल रहे मरीजों को दौरे के कारणों का पता करने के लिए मैदानी क्षेत्रों में स्थित अस्पतालों की ओर नहीं भटकना पड़ेगा।
राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के मनोरोग चिकित्सा विभाग की ओपीडी में अकसर दौरे संबंधी केस बहुत आते हैं, लेकिन यहां एमआरआई और ईईजी सुविधा न होने की वजह से चिकित्सकों को उन्हें बाहर भेजना पड़ता था। इस समस्या को विभागाध्यक्ष सहायक प्रोफेसर डा. मोहित सैनी ने प्राचार्य प्रो. सीएम रावत के समक्ष रखा, जिसके बाद ईईजी मशीन मंगवा दी गई। डा. सैनी ने बताया कि ईईजी ईसीजी मशीन के समान कार्य करती है। ईसीजी मशीन से जिस प्रकार तरंगों से दिल में हो रहे बदलावों की जानकारी मिलती है। उसी प्रकार ईईजी मशीन से यह पता चलता है कि मरीज को दौरे किस वजह से और दिमाग के किस्से की वजह से पड़ रहे हैं। इससे मिर्गी, चोट, बेहोशी या घबराहट के दौरों का पता चल जाता है। संवाद