कल्जीखाल ब्लाक की ग्राम पंचायत बूंगा के प्रधान के खिलाफ ग्रामीणों और वार्ड सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव दिया है। ग्रामीणों ने डीपीआरओ को प्रस्ताव सौंप कर प्रधान पर वित्तीय अनियमितता सहित कई आरोप लगाए। कहा कि प्रधान वार्ड सदस्यों व ग्रामीणों का विश्वास खो चुके हैं। उन्हें जल्द पद से हटा दिया जाए।
ग्राम पंचायत बूंगा के ग्रामीणों व वार्ड सदस्यों ने मुख्यालय पहुंचकर प्रधान विपिन चंद्र डबराल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दिया। वार्ड सदस्य अनुराधा देवी, गीता देवी, लक्ष्मण सिंह, ओंकार सिंह रौथाण ने कहा कि पेयजल मरम्मत के लिए 20 लाख की धनराशि स्वीकृत होने के बावजूद प्रधान की ओर से मरम्मत कार्य नहीं किया जा रहा है। ऐसे में ग्रामीणों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ रहा है। कहा कि जिन लोगों ने मनरेगा में कार्य नहीं किया है, उन्हें मजदूरी दी गई है, जबकि कार्य करने वाले करीब 30 मजदूरों को एक साल से भुगतान नहीं किया है। कहा कि न्याय पंचायत स्तर के पंचायत भवन पर प्रधान ने अपनी मर्जी से करीब ढाई लाख रुपये खर्च किए हैं। ग्रामीण मालती देवी, अनिल सिंह आदि ने कहा कि प्रधान ग्रामीणों का विश्वास खो चुके हैं, उन्हें पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने डीपीआरओ से प्रधान के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर जल्द कार्रवाई अमल में लाने की मांग की।
शिकायतों की होगी जांच
डीपीआरओ एमएम खान ने कहा कि ग्रामीणों की ओर से दिए गए प्रस्ताव में की गई शिकायतों की जांच की जाएगी। पंचायतीराज अधिनियम के तहत दो साल तक प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं दिया जा सकता है।
- विरोधी पक्ष की ओर से यह प्रस्ताव दिया गया है। पंचायत में हो रहे किसी भी कार्य में कोई वित्तीय अनियमितता नहीं हुई। सभी भुगतान नियमानुसार ही हुए हैं। - विपिन चंद्र डबराल, ग्राम प्रधान बूंगा।