नरेंद्र संगीत सप्ताह के पांचवें दिन कलाकारों ने दी एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। एचएनबी गढ़वाल विवि के चौरास परिसर स्थित लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र के प्रेक्षागृह में आयोजित नरेंद्र संगीत पर केंद्रित सात दिवसीय कार्यशाला के पांचवें दिन का शुभारंभ मुख्य अतिथि रंगकर्मी और वरिष्ठ पत्रकार दीपक डोभाल ने किया। उन्होंने कहा कि नरेेंद्र सिंह नेगी उत्तराखंड की संस्कृति के सबसे बड़े आलोक स्तंभ हैं। उनके गीतों ने समाज को नई दिशा प्रदान की है।
कार्यशाला के पांचवें दिन कलाकारों ने नेगीदा के लिखे गीतों की छटा बिखेरी। अखिलेश कोहली ने अबरि दां तू लंबी छुट्टि लेकि ऐई गीत गाकर जलमग्न टिहरी की यादों को ताजा कर दिया। प्रिया ठक्कर ने घौरै रौ घौरै रौ राणी बलम्पा, अंशिका पंवार ने तेरी पिड़ा मं द्वी आंसु मेरा भी तौरी जाला, अंजलि रावत ने ओटूवा बेलेण, हार्दिक कण्डारी ने त्यारा रूप की झौळ मा नौणी सि ज्यू म्यारु, राजेन्द्र जोशी ने मेळा खौळों मा रौळा थौळौं मं, कुसुम खत्री ने छान्यूं मा कर्यूं डेरू घर गौंउ छोड़्यूं चा, किरन जोशी ने जै अम्बा जगदम्बा जै माता राणी, शालिनी डालिया ने तेरो भाग त्वे दगड़ी मेरो भाग मैं दगड़ी आदि गीतों की प्रस्तुति दी। दिव्यांग कलाकार सौरभ थपलियाल ने मुल-मुल केकू हैंसणी छै तू हे कुळैं की डाळी गाकर दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। चंबा से आए कलाकार राजेन्द्र जोशी ने भी प्रस्तुति दी। डॉ. राहुल बहुगुणा ने प्रतिभागी गायकों को प्रशस्तिपत्र और प्रतीक चिह्न दिए। संचालन उप निदेशक डॉ. संजय पांडेय और गणेश खुगशाल गणी ने संयुक्त रूप से किया।
जारीडा.श्रीकृष्ण उनियाल