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भारतीय भाषाओं को संरक्षित करने की आवश्यकता: प्रो.शर्मा

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श्रीनगर। गढ़वाल विवि के शिक्षा विभाग के तत्वाधान में शुक्रवार को भारतीय ज्ञान संस्कृति विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि इग्नू नई दिल्ली के निदेशक प्रो. सीबी शर्मा ने कहा कि भारत की भाषाएं महत्वपूर्ण हैं और इन भारतीय भाषाओं को संरक्षित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत एक ज्ञान आधारित समाज है तथा भारतीय ज्ञान परंपरा सम्पूर्ण ज्ञान पर आधारित है।
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भारत की गुरुकुल पद्धति प्राचीन काल से चली आ रही है और वेद परंपराएं आज भी जीवित हैं। छत्रपति साहूजी महाराज विवि कानपुर के कुलपति प्रो. विनय पाठक ने ऑनलाइन जुड़कर भारतीय ज्ञान प्रणाली के संदर्भ में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एवं तकनीक पर बात की तथा स्वदेशी ज्ञान के रूप में तकनीकी के महत्व पर चर्चा की। पंजाब विवि के दर्शन शास्त्र विभाग की प्रो.शिवानी शर्मा ने कहा, भारतीय ज्ञान प्रणाली प्रत्येक ज्ञानखंड एवं ज्ञानरूप हमारी आत्मचेतना को जीवंत करता है। अध्यक्षता करते हुए गढ़वाल विवि के कुलपति प्रो. एमएमएस रौथाण ने कहा कि आर्यभट्ट, चाणक्य, पाणिनी, पतंजलि, कणाद, चरक जैसे विद्वानों ने भारतीय ज्ञान को वैज्ञानिक रूप से सार्थक किया है। इस मौके पर प्रो. सुनीता गोदियाल, डाॅ. अमरजीत सिंह, प्रो. रमा मैखुरी, डॉ अनराही, प्रो. राकेश कुमार मैखुरी, प्रो. अनिल नौटियाल आदि मौजूद रहे।
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