कोरोनाकाल में कई धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक संगठन जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आए हैं। ऐेसे ही तीन युवा लोगों की मदद के लिए मुंबई से पहाड़ पहुंचे है। चिलचिलाती गर्मी में गांव-गांव पहुंचकर गरीबों को राशन किट बांट रहे हैं।
पत्रकार दीपक डोभाल अपने साथी फिल्म राइटर सुमित पुरोहित व पंकज नेगी के साथ जरूरतमंदों की मदद के लिए पहाड़ पहुंचे हैं। गांवों में संक्रमण फैलने से सील हुए गांवों के सामने ज्यादा समस्याएं खड़ी हो गई है। इसके अलावा दिहाड़ी मजदूरी करने वाले भी सबसे अधिक परेशान हैं। पत्रकार दीपक डोभाल ने बताया कि वह इन दिनों श्रीनगर आए हुए थे। इसी बीच उनके दोस्त जाने माने फिल्म राइटर सुमित पुरोहित ने कोविड कर्फ्यू के दौरान ऐसे गरीब परिवारों की मदद करने का सुझाव दिया, जिन्हें दिहाड़ी मजदूरी का काम नहीं मिल रहा है। और जो गांव संक्रमण के चलते सील हो गए हैं। बताया कि सुमित व उनके दूसरे दोस्त जापानी कंपनी फ्यूजी केमिकल्स के साउथ एशिया हेड पंकज नेगी का सहयोग मिला। रविवार को उन्होंने कीर्तिनगर विकासखंड के जखंड, भराड़ीधार, तैदार, अमोली, धौलंगी आदि गांवों के साठ परिवारों को राशन कीट पहुंचाई। डोभाल ने बताया कि इस समय छोटे-छोटे कस्बों के व्यापारी भी परेशान हैं। इसलिए हम लोगों ने राशन बड़े स्टोरों से नहीं खरीदी। गांवों के पास की छोटी छोटी दुकानों से राशन किट तैयार की। इससे गरीब परिवारों के साथ दुकानदारों की मदद हो गई। उन्होंने अपने मिशन का नाम ‘गिव बैक’ रखा है। बुधवार को बागवान और आसपास के गांवों के करीब 30 परिवारों को सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश लखेड़ा के साथ राशन बांटेंगे। बागवान के प्रधान नरेश कोठियाल ने इन तीनों युवाओं को सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया। आज बुधवार को पैंडुला, अमरोली और न्यूली गांवों में गरीब परिवारों को राशन बांटेंगे।