पौड़ी। मनरेगा कर्मचारी संगठन ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर मनरेगा योजना के तहत सभी कनिष्ठ अभियंता और रोजगार सेवकों से योजना के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों एवं योजनाओं से संबंधित जानकारी की परीक्षा देने को औचित्यहीन बताया। कहा कि विभाग की मंशा कर्मियों को हटाने की है जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ज्ञापन में कहा कि मनरेगा के तहत कई कनिष्ठ अभियंता एवं रोजगार सेवक पिछले सात-आठ सालों से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विभाग की मंशा में खोट बताते हुए कहा कि इतने वर्षों से सेवाएं देने के बाद कार्मिकों से किसी भी लिखित एवं मौखिक परीक्षा का औचित्य ही नहीं बनता। कहा कि विभाग में 132 से ज्यादा कनिष्ठ अभियंता एवं रोजगार सेवक कार्य कर रहे हैं जिन्हें परीक्षा देने के नाम पर छंटनी करने का षड्यंत्र किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कार्मिकों की छंटनी होगी तो उनके सामने आजीविका का संकट पैदा हो जाएगा। संघ में अधिकतर ऐसे कार्मिक हैं जो कि राजकीय सेवा में आवेदन की परिधि से बाहर हो चुके हैं। उन्होंने परीक्षा में उपस्थित न होने व परीक्षा का विरोध करने का भी निर्णय लिया है। कहा कि मांग स्वीकार नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर मनमोहन सिंह, सुरेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, चंद्रपाल सिंह, विनोद बिष्ट, प्रशांत कुमार समेत कई लोग मौजूद थे।
उधर, डीडीओ वेद प्रकाश ने बताया कि परीक्षा से जेई व रोजगार सहायकों की कार्यों के प्रति सामान्य सतर्कता से संबंधित जानकारियां ली जाएंगी। परीक्षा में किसी भी कार्मिक के उत्तीर्ण या अनुत्तीर्ण होने से संबंध नहीं है।
बैठक 6 को
पौड़ी। मनरेगा के तहत कार्यरत कनिष्ठ सहायक एवं रोजगार सहायकों की मनरेगा योजना के अंतर्गत किये जा रहे कार्यों एवं योजनाओं से संबंधित परीक्षा के संबंध में सोमवार को बैठक होगी। डीडीओ वेद प्रकाश ने बताया कि सीडीओ सोनिका की अध्यक्षता में बैठक में परीक्षा कराए जाने पर चर्चा की जाएगी।