मलेथा में स्टोन क्रशर के विरोध में पिछले 14 दिनों से आमरण अनशन कर रहे समीर रतूड़ी का अनशन समाप्त हो गया है।
रतूड़ी ने अनशन समाप्त करने का निर्णय बृहस्पतिवार देर शाम शासनादेश की प्रति मिलने पर लिया।
ग्रामीणों को मिले शासनादेश के अनुसार के एक और क्रशर के संचालन की अनुमति को निरस्त कर दिया गया है।
जबकि एक अन्य पर निर्णय के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने एक सप्ताह के भीतर मुख्यमंत्री से वार्ता कराने का आश्वासन दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पांचवे क्रशर पर फैसला होने तक क्रमिक अनशन जारी रहेगा।
बृहस्पतिवार देश शाम लगभग सवा पांच बजे किशोर उपाध्याय और राजीव नयन बहुगुणा शासनादेश लेकर मलेथा आंदोलन स्थल पर पहुंचे।
यहां आयोजित सभा में उपाध्याय ने कहा कि माधो सिंह भंडारी की तपस्या और बलिदान व जनमानस की भावना को देखते हुए क्रशरों के संचालन को निरस्त करने का निर्णया लिया गया है।
पांचवे क्रशर के संबध में एक सप्ताह के अंदर मलेथा के शिष्टमंडल की मुख्यमंत्री से वार्ता की जाएगी।
उन्होंने कहा कि क्रशर संचालकों के साथ भी अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
क्रशर संचालक भी यहीं के निवासी हैं। उनके बारे में भी सोचा जाएगा। क्रशर संचालको के खर्चे की भरपाई कैसे हो इस बारे मुख्यमंत्री से विचार किया जाएगा। चौरास क्षेत्र में नियम विरुद्ध चल रहे क्रशरों के संबध में उन्होंने कहा कि मानकों के अनुकूल न होने पर क्रशरों कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अनशनकारी समीर रतूड़ी को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। साथ ही पूर्व में 11 दिनों तक अनशन में बैठी सीता देवी को भी जूस पिलाया।