जिला एवं सत्र न्यायाधीश कवरसैन की अदालत ने दहेज हत्या के एक मामले में मृतका के ससुर, सास, पति और देवर को दोषी पाते हुए उन्हें सात साल का कारावास और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
सुनवाई के दौरान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पीबी पंत ने बताया कि 16 अप्रैल 2010 को धूमाकोट थाना क्षेत्र के किनाथ गांव निवासी चंद्रमोहन की पत्नी कांति की सिर में चोट लगने से मौत हो गई थी।
मामले में कांति के पिता बवाड़ी गांव निवासी मुरली ने धुमाकोट थाने में तहरीर देकर कांति के पति चंद्रमोहन, ससुर सुरेंद्र सिंह, सास शाकंबरी देवी और देवर विनोद पर कांति की हत्या करने का आरोप लगाया था।
तहरीर में उन्होंने कहा था कि शादी के बाद से ही मृतका के पति चंद्रमोहन, ससुर सुरेंद्र सिंह, सास शाकंबरी देवी, देवर विनोद उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करते रहते थे।
मामले में धुमाकोट पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। सहायक शासकीय अधिवक्ता पंत ने बताया कि मामले में हुई सुनवाई में न्यायालय ने चारों आरोपियों को दहेज हत्या का दोषी पाते हुए सात साल की सजा और पांच हजार के जुर्माने से दंडित किया है।