जम्मू। मार्च 2021 तक पहले चरण में शत प्रतिशत जलापूर्ति का लक्ष्य पूरा करने का काम तेज गति से चलाया जाए। यह बात जल शक्ति विभाग के केंद्रीय मंत्रीय गजेंद्र सिंह शेखावत और उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने वीडियो क्रांफेंसिंग के माध्यम से बैठक में कही। उन्होंने कहा कि मार्च 2021 तक पहले चरण के जलापूर्ति का लक्ष्य पूरा किया जाए। इससे लोगों को पेयजल घरों में ही मिलेगा। दिसंबर 2021 तक दूसरा जबकि मार्च 2022 तक तीसरे चरण का काम पूरा किया जाए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सरकार देश भर में ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुनिश्चित बुनियादी सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश को इसके लिए हर सहायता केंद्र से की जाएगी। उन्होंने रासायनिक मापदंडों के लिए एक बार और बैक्टीरियोलॉजिकल संदूषण के लिए सभी जल स्रोतों के परीक्षण पर जोर दिया। उन्होंने फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) के माध्यम से पानी की गुणवत्ता की निगरानी के लिए प्रत्येक गांव में पांच व्यक्तियों, महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने का आह्वान किया।
ग्राम पंचायत की उप समिति के रूप में ग्राम जल और स्वच्छता समिति के गठन के साथ-साथ कम से कम 50 प्रतिशत महिला सदस्यों की भागीदारी रहेगी। स्थायी बुनियादी ढांचे के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए उचित रखरखाव और जल बुनियादी ढांचे के तीसरे पक्ष के निरीक्षण के लिए कहा। जल जीवन मिशन को स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम), मनरेगा और अन्य प्रासंगिक योजनाओं के साथ धन की प्राप्ति के लिए अन्य प्रासंगिक योजनाओं के लिए पर्याप्त मात्रा में अच्छी गुणवत्ता के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उपराज्यपाल ने जम्मू और कश्मीर में हर घर तक जलापूर्ति (हर घर नल) प्रदान करने के लिए जल जीवन मिशन का लाभ पहुंचाया जाएगा। इस उद्देश्य के लिए 1800 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उपराज्यपाल ने जल जीवन मिशन पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। सरकार इस साल 15 अगस्त से पहले 3 जिलों यानी गांदरबल, श्रीनगर और रियासी का शत प्रतिशत कवरेज करेगी।