आदमखोर गुलदार ने वन दरोगा, प्रधान सहित चार को किया जख्मी
मलेथा में बढ़ाए गए शिकारी, सुरक्षा के चलते क्षेत्र को किया गया सील
- गुलदार की तलाश में जुटे पांच शूटर्स
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कीर्तिनगर तहसील के मलेथा गांव में आदमखोर गुलदार ने वन दरोगा व ग्राम प्रधान सहित चार लोगों पर हमला कर जख्मी कर दिया। घटना के बाद से वन विभाग की दो रेंज की टीम के साथ ही पांच शूटर्स अलकनंदा किनारे लगभग एक किमी के पैच में गुलदार की तलाश में जुटे हैं। सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग ने यह क्षेत्र सील कर दिया है। स्थानीय लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाकर क्षेत्र के मार्गों पर पुलिस तैनात कर दी गई है।
शनिवार सुबह 10 बजे मलेथा गांव में बदरीनाथ हाईवे से नदी की ओर जाने वाले रास्ते पर आदमखोर गुलदार ने वन दरोगा डीएस भंडारी, ग्राम प्रधान मलेथा अंकित कुमार, स्थानीय युवक हिमांशु नेगी व मनीष पर झपट्टा मार दिया। गुलदार के हमले से जख्मी हुए ग्राम प्रधान मलेथा अंकित कुमार ने बताया कि ग्रामीण विधायक निधि से बनाए जा रहे सीसी मार्ग का निर्माण कार्य कर रहे थे। इसी दौरान घास काट रही महिलाओं और मजदूरों ने गुलदार के होने का आभास किया। बतौर प्रधान जैसे ही मैंने सूचना देने के लिए फोन निकाला इतनी देर में गुलदार झाड़ियों से बाहर निकला और झपट्टा मार दिया। आसपास सभी लोगों के हल्ला मचाने पर गुलदार भागा, लेकिन इस बीच एक स्थानीय युवक हिमांशु नेगी व मनीष नेगी पर भी गुलदार ने पंजा मार दिया। घटना के कुछ देर बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम गुलदार की तलाश में जुटी थी, तभी गुलदार ने वन दरोगा डीएस भंडारी पर हमला कर दिया। रेंज अधिकारी अखिलेश भट्ट ने बताया वन दरोगा, प्रधान और स्थानीय दो युवकों को गुलदार ने जख्मी किया है। गुलदार को मारने के लिए देहरादून के शूटर्स डा. प्रशांत, डा. रचित और जहीर बख्शी को भी तैनात कर दिया गया है। शिकारी लखपत सिंह भी पहुंचने वाले हैं। गुलदार के पदचिन्ह मिले हैं। बताया कि 7 अगस्त को मलेथा गांव में एक युवती को मारने के बाद गुलदार को आदमखोर घोषित कर दिया गया था। 10 अगस्त से शूटर जॉय हुकिल व भीमा गुलदार की तलाश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें गुलदार नहीं दिखा ।
शिकारी की ओर से फायर करने की चर्चा
श्रीनगर। आदमखोर गुलदार पर शुक्रवार रात शिकारी की ओर से फायर किए जाने की चर्चा है। कहा जा रहा है कि इससे गुलदार आक्रामक हो गया है। हालांकि शूटर जॉय हुकिल ने इसका खंडन करते हुए बताया कि रात में किसी ने पटाखे फोड़े हैं, जिससे गुुलदार का मूवमेंट प्रभावित हुआ है।