उधर, सनेह मल्ली गांव में मंगलवार शाम गुलदार ने घर के आंगन से आठ साल की बच्ची को उठा लिया। गुलदार बच्ची को जबड़े में दबाकर जंगल की ओर ले जाने लगा तो मां नीलम देवी ने हिम्मत नहीं हारी।
वह शोर मचाते हुए गुलदार के पीछे दौड़ पड़ीं और करीब आधा किलोमीटर तक पीछा कर उसके जबड़े से अपनी बेटी को छुड़ा लाई। गुलदार के हमले में बच्ची के गले और पांव में चोटें आई हैं। उसे राजकीय बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उपचार किया गया।
भड़का जनाक्रोश, विधायक का घेराव, वाहन तोड़ने का प्रयास
जिला मुख्यालय से सटे खांड्यूसैंण में गुलदार के हमले में मासूम की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही पौड़ी- देवप्रयार राज्य राजमार्ग जाम कर दिया। एसएच पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
घटना के बाद मौके पर पहुंचे विधायक राजकुमार पोरी को भी लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने उनका घेराव कर धक्का-मुक्की की और अपशब्द कहे। हालात बिगड़ने पर विधायक को अपने वाहन में बैठना पड़ा। इस दौरान गुस्साए लोगों ने वाहन पर लाठियों से वार किए और उसे तोड़ने का प्रयास किया।