गढवाल विवि के चौरास परिसर मे सांख्यिकी विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला मे मंचाशीन अतिथि ।
- फोटो : SHRINAGAR
सांख्यिकी के क्षेत्र में नई-नई विधाओं का प्रयोग हो रहा है। इसका व्यवहारिक जीवन में भी यदि प्रयोग करें तो यह हर किसी की तरक्की में काम भी आएगा। गढ़वाल विवि के सांख्यिकी विभाग की ओर से ‘अंतविषय शोध में सांख्यिकी विधियों की भूमिका’ (आरआरएएसटी) विषय पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को इस बात का बोध कराया।
बृहस्पतिवार को गढ़वाल विवि के एकेडमिक एक्टिविटी सेंटर में विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सांख्यिकी के क्षेत्र में नई-नई विधाओं का प्रयोग हो रहा है। प्रतिभागी कार्यशाला में इनके बारे में जानकारी हासिल कर इसका व्यवहारिक जीवन में प्रयोग करेंगे। जो हर किसी की तरक्की में काम आएगा। मुख्य वक्ता पंजाब विवि चंडीगढ़ के प्रो. सुरेश कुमार शर्मा ने सांख्यिकी के बेसिक सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के दौर में किसी भी विषय में बेहतर शोध परिणाम के लिए सांख्यिकी के मूलभूत सिद्धांतों सांख्यिकी साफ्टवेयरों का ज्ञान होना आवश्यक है। उन्होंने एसपीएसएस सॉफ्टवेयर के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी। कार्यक्रम संयोजक प्रो. ओके बेलवाल ने कहा कि तीन दिवसीय कार्यशाला में नवीनतम सांख्यिकी साफ्टवेयर की जानकारी देने के साथ इसके संचालन के तरीके भी बताए जाएंगे। इस अवसर पर डीएसडब्लू पीएस राणा, मुख्य नियंता प्रो. अरुण बहुगुणा, प्रो. डीपी सकलानी, प्रो. आरएस नेगी, डा. जगदीश चंद्र पुरोहित, आयोजन सचिव डा. लाखन सिंह व डा. अंकित कपरवाण आदि मौजूद थे। संचालन डा. रेनुका रावत ने किया। कार्यशाला में देश के विभिन्न विवि के विशेषज्ञों सहित उत्तराखंड के सांख्यिकी अधिकारी प्रतिभाग कर रहे हैं।