बरसात के सीजन के लिए पांच महीने से बंद कोटद्वार-कालागढ़-रामनगर मार्ग पर जल्द ही वाहनों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। नेशनल पार्क के पर्यटकों के लिए खुलने के साथ ही रविवार से इस मार्ग पर वाहनों का संचालन शुरू हो जाएगा। वन विभाग के कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) प्रशासन की ओर से इस वन मोटर मार्ग को दुरुस्त कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार जीएमओयू की ओर से उन्हें अभी बस संचालन के लिए कोई पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलते ही अनुमति प्रदान कर दी जाएगी। जीएमओयू के अधिकारियों का एक दल रविवार को मार्ग का सर्वे करने के लिए कालागढ़ और रामनगर के लिए रवाना होगा।
गढ़वाल और कुमाऊं को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए राज्य की सीमा के अंदर कोटद्वार क्षेत्र से कालागढ़ होते हुए रामनगर के लिए वर्षों पुराना कंडी मार्ग है जो वन विभाग के नियंत्रण में है। उत्तराखंड बनने के बाद से इस मार्ग को पक्का करने और पूरे सालभर चालू रखने की मांग गढ़वाल और कुमाऊं दोनों ओर से हो रही है, लेकिन नेशनल पार्क के कायदे-कानून इसमें रोड़ा बने हुए हैं। हाल में मार्ग को पक्का करने के लिए सर्वे और डीपीआर तैयार करने के निर्देश लोनिवि को मिले हैं, लेकिन बरसात के चलते मार्ग बंद होने के कारण मामला आगे नहीं बढ़ सका है। लोनिवि अधिकारियों की मानें तो जल्द ही इस मार्ग का सर्वे शुरू हो जाएगा।
सीटीआर के उपनिदेशक डा. साकेत बडोला का कहना है कि रविवार से कार्बेट पार्क आम पर्यटकों के लिए खोला जा रहा है। जो 15 जून तक खुला रहेगा। कोटद्वार-कालागढ़-रामनगर मार्ग को यातायात के लिए ठीक कर दिया गया है। छोटे वाहनों की आवाजाही रविवार से शुरू हो जाएगी। जीएमओयू की बस सेवा चलाने की भी अनुमति प्रदान कर दी जाएगी। जीएमओयू के महाप्रबंधक वीपीएस नेगी ने बताया कि रविवार को बस संचालन की अनुमति प्राप्त करने और सड़क का निरीक्षण करने के लिए अधिकारियों को कालागढ़ भेजा जा रहा है। इसके एक दो दिन बाद कालागढ़ और रामनगर के लिए कंडी मार्ग से बस सेवा प्रारंभ कर दी जाएगी।