बेस अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में घायल युवक के उपचार के लिए सीनियर डॉक्टरों के न आने संबंधी मामले की जांच शुरू हो गई है। कॉलेज के प्राचार्य ने जांच के लिए बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. केपी सिंह की अगुवाई में सात सदस्यीय टीम का गठन किया है। 10 अगस्त की शाम बदरीनाथ हाईवे पर श्रीयंत्र टापू कांड के समीप धारपंयाकोटी गांव का युवक गुुरुमीत सिंह सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। युवक ने उपचार के दौरान बेस अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
युवक को अस्पताल में भर्ती कराने वाले समीर रतूड़ी समेत अन्य लोगों का आरोप था कि बुरी तरह से घायल युवक के इलाज के लिए तीन घंटे तक कोई सीनियर डॉक्टर नहीं आया। ईएमओ (इमरजेंसी मेडिकल अफसर) फोन पर सीनियर डॉक्टर के निर्देश लेती रहीं। आरोप लगाया कि जब युवक को रेफर किया जाने लगा तो एंबुलेंस नहीं मिली। मामला संज्ञान में आने पर प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने आरोपों की सत्यता के लिए जांच कमेटी गठित कर दी। उन्होंने बताया कि बेस अस्पताल के एमएस प्रो. सिंह जांच कमेटी के अध्यक्ष बनाए गए हैं। ब्यूरो