फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्यूरिंग ने दी थी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की संकल्पना- मुदित अग्रवाल

विज्ञापन
विज्ञापन
पौड़ी। जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी में आयोजित कार्यशाला तीसरे दिन भी जारी रही। विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) की संकल्पना, विकास यात्रा व वर्तमान स्वरूप पर जानकारी प्रदान की।
विज्ञापन

बुधवार को जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ माइक्रोसॉफ्ट कंपनी अमेरिका के सॉफ्टवेयर इंजीनियर मुदित अग्रवाल ने किया। इस मौके पर मुदित अग्रवाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की संकल्पना वर्ष 1950 में ब्रिटिश गणितज्ञ एलन ट्यूरिंग ने की थी, लेकिन उस दौर में उनकी संकल्पना का लोगों ने मजाक उड़ाया था। वर्तमान युग में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस मानव के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि हमारे आसपास रोबोट होने से हम अभी भी कुछ साल दूर हैं, लेकिन कृत्रिम बुद्धिमता पहले से अधिक सूक्ष्म तरीकों से गहरा प्रभाव डाल चुकी है। मुदित ने कहा कि मौसम के पूर्वानुमान, ईमेल स्पैम फिल्टरिंग, गूगल की खोज भविष्यवाणियां और आवाज की पहचान व एप्पल के सिरी जैसे अनेक उदाहरण हैं। सऊदी अरब की बिसा विवि के डा. अयूब खान ने मशीन लर्निंग के लिए पाइथन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज पर जोर दिया। समन्वयक पपेंद्र कुमार ने कहा कि आजकल आसानी से उपयोग में लाई जाने वाली मशीन लर्निंग लाइब्रेरी जैसे स्की किट-लर्न और केरस उपलब्ध है। कार्यक्रम का संचालन गरिमा सिंह व मीनाक्षी कठायत ने किया। इस अवसर पर डॉ. एसके वर्मा, अभिषेक गुप्ता, डॉ. भोला झा, रश्मि सैनी, रमेश कुमार व विवेक टम्टा आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें