श्रीनगर। गढ़वाली कवयित्रियों की रचनाओं के पहले वृहद संकलन आखर का रविवार को पालिका अध्यक्ष पूनम तिवाड़ी ने विमोचन किया। उन्होंने कहा कि यह संकलन गढ़वाली भाषा और साहित्य के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।
पालिका सभागार में कार्यक्रम अध्यक्ष गढ़वाल विवि की प्रो. सुरेखा डंगवाल, कवयित्री उमा घिल्डियाल व डा. कविता भट्ट शैलपुत्री ने आखर समिति के संस्थापक शिक्षक एवं गढ़वाली भाषा के लेखक संदीप रावत की पहल की सराहना की। जबकि आखर के संपादन के लिए युवा साहित्यकार व भू भौतिकविद् गीतेश सिंह नेगी व संदीप रावत का आभार जताया। पालिका अध्यक्ष पूनम तिवाड़ी ने कहा कि इस प्रकार की पहल से महिलाओं के अंदर छुपी प्रतिभा को आगे आने की प्रेरणा मिलती है। इस मौके पर प्रो. सुरेखा डंगवाल, कवयित्री उमा घिल्डियाल और डा. कविता भट्ट , आरती पुंडीर, रेखा चमोली, अमिता काला, सभासद विनोद मैठाणी, साईनी उनियाल, प्रियंका नेगी, संगीता फरासी, डा. अरुण, विजय मेवाड़, डीपी खंडूडी, मुकेश काला, सत्यजीत खंडूडी व जयकृष्ण पैन्यूली आदि मौजूद थे। संवाद