तहसील चौबट्टाखाल की राजस्व पुलिस का महिला अपराधों के प्रति उदासीनतापूर्ण व्यवहार सामने आया है। क्षेत्र की एक महिला ने पति समेत ससुराल वालों पर मारपीट, गाली-गलौज, घरेलू हिंसा सहित अन्य आरोप लगाते हुए राजस्व पुलिस को तहरीर दी, लेकिन तहरीर देने के 21 दिन बाद भी राजस्व पुलिस ने मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया है। हालांकि कार्रवाई के नाम पर राजस्व पुलिस ने मामले में पीड़िता व आरोपियों के खिलाफ शांति भंग का चालान जरूर किया, जिसकी सुनवाई 14 जुलाई को तहसील परिसर में होगी।
तहसील चौबट्टाखाल के संतूधार बड़ेथ निवासी शांति बिडालिया ने राजस्व पुलिस को 22 जून की शाम को पति, सास, ननद व जेठ पर मारपीट, गाली-गलौज व घरेलू हिंसा का आरोप लगाते हुए तहरीर सौंपी थी। पीड़िता का मायका बमड़खोला बैजरों है। पीड़िता का 11 वर्षीय बेटा व 5 वर्षीय बेटी है और वह वर्तमान में कोटद्वार में रहती हैं। पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी 12 वर्ष पूर्व हुई थी। विगत 21 जून को वह बच्चों सहित कोटद्वार से ससुराल संतूधार बड़ेथ आई थी। जहां 22 जून की सुबह पति के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हो रही थी। पीड़िता ने आरोप लगाते हुए बताया कि पति कई वर्षों से मेरे साथ मारपीट करता आ रहा है। एक बार तो हद हो गई थी कि गर्भ में बच्चा होने पर भी पति ने मुझे इतना मारा कि मेरा मुंह सूज गया था। पीड़िता ने बताया कि मायका पक्ष कई बार सुलह करवा चुका है, लेकिन पति, सास व अन्य का उत्पीड़न बर्दाश्त से बाहर होता जा रहा है। शादी के बाद से ही सास मुझे दहेज के लिए ताना देती रहती है। सास ने कई बार मुझ पर तलाक देने का दबाव भी बनाया। मामले में राजस्व पुलिस ने पीड़िता व पति का शांति भंग की धारा में चालान काटकर 14 जुलाई को सुनवाई का आदेश जारी किया है।
एक दिन बाद कराया मेडिकल
पौड़ी। पीड़िता ने बताया कि राजस्व उपनिरीक्षक को मारपीट की शिकायत देने के बाद मेडिकल कराने को कहा, लेकिन उन्होंने शाम होने का बहाना बनाकर मुझे वापस घर भेज दिया। 23 जून को मेरे भाई के आने और हस्तक्षेप के बाद राजस्व पुलिस ने मेरा मेडिकल कराया गया।
कोट
- पीड़ित महिला के आरोप गंभीर हैं। राजस्व उपनिरीक्षक को मामले में हीलाहवाली बरतने पर कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दे दिए गए हैं। - संदीप कुमार, एसडीएम चौबट्टाखाल।