बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर ऋषिकेश से सिरोहबगड़ के बीच लगभग 121 किलोमीटर के दायरे में लगभग 8 स्थान संवेदनशील हैं। हालांकि इनमें से कुछ स्थान ऑल वेदर रोड परियोजना से पहले संवेदनशील हैं। जबकि कुछ नए स्थान सक्रिय हुए हैं। ज्यादातर स्थान पूर्व में बीआरओ की ओर से किए गए विस्फोटों की वजह से संवेदनशील बने हैं।
वर्तमान में फरासू, चोपड़ा, मूल्यागांव, देवप्रयाग डिग्री कॉलेज के समीप, तीन धारा, सकनीधार, तोताघाटी, कौडिय़ाला, अटाली व व्यासी के समीप कुछ स्थानों में पहाड़ी से मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है। इनमें से सबसे खराब स्थिति मूल्यागांव व फरासू की है। यहां पहाड़ी से मलबा गिरने का सिलसिला जारी है। दोनों स्थानों में मलबा आने से कई घंटे राजमार्ग अवरुद्ध रहता है। तीनधारा और सकनीधार के बीच भी ऐसा ही खतरा बना हुआ है।
इधर, लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता मनोज बिष्ट ने बताया कि उक्त सभी स्थान पूर्व में सक्रिय रह चुके हैं। शिवपुरी और व्यासी के समीप तो बिना छेड़े ही पिछले साल बोल्डर सड़क पर आ गिरे थे। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर पूर्व में किए गए निर्माण कार्य से लूज रॉक थी, जो चौड़ीकरण के दौरान सक्रिय हुए हैं। हालांकि लोनिवि ने सड़क चौड़ीकरण के लिए विस्फोटक प्रयोग नहीं किए हैं।
उन्होंने बताया कि ऋषिकेश से सिरोहबगड़ के बीच 4 स्थानों का सीआरआरआई (केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान) से निरीक्षण भी करवाया गया है। सीआरआरआई ने वृहद सर्वेक्षण की बात की है।
जारी
सन्दीप