उद्यान विभाग की ओर से जिले के किसानों को सेब की आधुनिक बागवानी का प्रशिक्षण दिया गया। हिमाचल प्रदेश के बागवानी विशेषज्ञों ने किसानों को पौध से प्रति इकाई और प्रति इकाई से अधिक क्षेत्रफल में बेहतर उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही बदलती जलवायु के साथ नई तकनीकी अपनाकर सेब के अच्छे उत्पादन की बात कही।
राजकीय उद्यान क्षेत्र खांड्यूसैंण में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में खांड्यूसैंण के साथ ही खोलाचौंरी, पौड़ी सहित आसपास के गांवों से करीब 30 किसानों ने प्रतिभाग किया। जिला उद्यान अधिकारी डा. नरेंद्र कुमार ने बताया कि बदलती जलवायु के साथ नई तकनीक व प्रजातियों का समावेश कर किसान सेब की बेहतरीन बागवानी कर सकते हैं। किसानों को क्लोनल रूट स्टॉक बेस प्रजातियां जैसे इवासनी, रेड बिलोक्स, गेलगाला, रेड ब्लम गाला, ग्रेनी स्मिथ सहित 8 प्रजातियों को बागवानी में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। डा. कुमार ने कहा कि इन प्रजातियों के उपयोग से उच्च घनत्व में सेब की बागवानी बढ़ाई जा रही है। कलासन नर्सरी मंडी हिमाचल प्रदेश के तकनीक विशेषज्ञ विक्रम सिंह रावत ने कहा कि किसानों को पौध की कटाई, छटाई पर भी विशेष ध्यान देना होगा। शनिवार को खिर्सू के मरखोड़ा में विशेषज्ञों ने मरेखोड़ा, तोल्यूं व आसपास के किसानों को प्रशिक्षण दिया। विशेषज्ञ 4 जनवरी को नाहसैंण, 5 को कलूण और 6 को कपरोली में किसानों को प्रशिक्षण देंगे। इस अवसर पर तकनीकी विशेषज्ञ महेंद्र वर्मा, किसान जसपाल सिंह नेगी, मनोज कुमार, सिद्धार्थ घिल्डियाल शामिल रहे।