बहाना बनाकर स्कूल से गायब होना अब मास्टर जी के लिए महंगा पड़ सकता है। शिक्षा विभाग जल्द ही जिले के 304 स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनें लगाने जा रहा है। बायोमीट्रिक मशीनें मंगवा ली गई हैं, जिन्हें जल्द ही लगा दिया जाएगा। शिक्षकों सहित अन्य स्टाफ को स्कूल आने व स्कूल से जाते समय मशीन से हाजिरी लगानी पड़ेगी।
स्कूलों से शिक्षकों के अक्सर गायब होने की शिकायतों के बाद अब शिक्षा विभाग गंभीर हुआ है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में अध्यापक हाजिरी लगाकर इधर-उधर चले जाते हैं, जिसकी सूचना विभाग को नहीं मिल पाती है। बायोमीट्रिक सिस्टम शुरू होने के बाद अध्यापक को कम से कम स्कूल के समय में हाजिरी लगाने के लिए आना पड़ेगा।
विभाग की ओर से जारी आदेशों के तहत कुल 304 स्कूलों में मशीन से हाजिरी भरने की व्यवस्था की जा रही है। इससे पहले विभाग की ओर से 30 आदर्श विद्यालयों में बायोमीट्रिक मशीनें लगाई जा चुकी हैं। मशीन लगाने के लिए प्रति स्कूल को 7500 रुपये की राशि दी गई है। बायोमीट्रिक मशीन के लिए बिजली सुविधा होनी जरूरी है। ऐसे में जिन स्कूलों में बिजली की सुविधा है, उन स्कूलों में मशीन लगाने के लिए विभाग की ओर से अनुमति दे दी गई है।
अब तक 304 स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीन लगाने की अनुमति दे दी गई है। जहां बिजली सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां पर मशीनें नहीं लगाई जा सकतीं। दूसरे चरण में 30 मशीनें डीईओ व डिप्टी डीईओ आफिस में लगाई जाएंगी। आदर्श विद्यालयों में पहले ही मशीनें लगाई जा चुकी हैं।
मदन सिंह रावत, जिला शिक्षा अधिकारी, पौड़ी।