मंडल मुख्यालय पौड़ी के शिक्षा परिसर में शिक्षक जमकर गरजे। एक दिवसीय प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने विभाग पर उनके भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। प्राथमिक शिक्षा में सेवारत एलटी शिक्षकों की पदोन्नतियां समय पर नहीं हो पा रही हैं। इससे शिक्षकों में आक्रोश है। मार्च 2021 तक विभाग पदोन्नति के लिए काउंसिलिंग कर चुका है। बावजूद इसके शिक्षकों को अब तक पदोन्नति व विद्यालय आवंटित नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग पदोन्नति व विद्यालय आवंटन को लेकर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है तो तालाबंदी से लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल तक की जाएगी।
मंच के मुख्य संयोजक बुटोला ने बताया कि प्राथमिक शिक्षा में सेवारत सहायक अध्यापकों (एलटी) की पदोन्नति के लिए जून 2019 को विज्ञप्ति निकली थी। इसको लेकर मार्च 2021 तक शिक्षा विभाग में काउंसिलिंग (अभिलेख जांच) भी हो चुकी है लेकिन शिक्षकों को अब तक पदोन्नति व विद्यालय आवंटित ही नहीं किए गए हैं। सितंबर 2021 को शिक्षकों के शिष्टमंडल ने शिक्षा महानिदेशक से वार्ता की थी जिसमें जल्द पदोन्नतियां प्रदान किए जाने का भरोसा दिया गया लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कदम विभाग ने नहीं उठाए हैं। मंच की टिहरी संयोजक मीनाक्षी सिल्सवाल, उत्तरकाशी संयोजक मंजू नौटियाल, पौड़ी संयोजक पंकज चंदोला, चमोली संयोजक दीवान सिंह नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री 30 प्रतिशत पदोन्नति को लेकर स्पष्ट आदेश है कि पात्र कार्मिक को पद की उपलब्धता पर अनिवार्य रूप से पदोन्नतियां दी जाएं लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के भविष्य से खिलवाड़ का यह प्रयास जल्द रोका नहीं गया तो तालाबंदी से लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए भी शिक्षक तैयार हैं। इसकी पूरी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की होगी। प्रदर्शन करने वालों में रुद्रप्रयाग संयोजक एसपी रावत, देहरादून से ऊषा गौड़, मोनिका बंसल, बीडी सेमवाल, राजेश पंत, एमपी उनियाल, मंजू बहुगुणा, सुनील डबराल, डीएस नेगी, धनवीर चौहान आदि शामिल थे।