पौड़ी। विकास खंड रिखणीखाल में बाघ/गुलदार प्रभावित क्षेत्र के 13 विद्यालयों में आगामी 22 दिसंबर तक विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। डीएम पौड़ी डाॅ. आशीष चौहान ने अवकाश का आदेश घोषित कर मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी को आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए हैं। इस क्षेत्र में बीते पांच माह से लगातार गुलदार की धमक देखी जा रही है। जिससे ग्रामीणों में दहशत बनी है।विकास खंड रिखणीखाल के गुठरेता गांव में बीते 19 अगस्त को नानी के घर रक्षा बंधन पर्व पर मां के साथ एक पांच साल का नौनिहाल आया था। जहां दिन में परिवार ने राखी पर्व मनाया था। लेकिन शाम करीब सात बजे घर के आंगन से गुलदार नौनिहाल को उठाकर जंगल की ओर ले गया था। पुलिस, राजस्व पुलिस की टीम द्वारा ग्रामीणों से खोजबीन की, जो डेढ़ किमी करीब बच्चे का एक पैर मिला था।
देर रात को शव भी बरामद हो गया था। इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश था। यह क्षेत्र कालागढ़ टाइगर रिजर्व से जुड़ा हुआ है। इस क्षेत्र में बीते कई महीनों से कंडिया, डाबरी, कोटा, देवियोंखाल, बहेला तल्ला में लगातार गुलदार की धमक देखने को मिल रही है। जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
डीएम डा. आशीष चौहान ने बताया कि एसडीएम रिखणीखाल द्वारा गुलदार प्रभावित क्षेत्र में लगातार गुलदार की चहलकदमी देखे जाने को लेकर रिपोर्ट भेजी है। बताया कि गुलदार के आतंक के चलते राप्रावि कंडिया तल्ला, मल्ला, राकउमावि कंडिया, राप्रावि पीपलसारी, राप्रावि गुठरेता, राप्रावि सेंधी, राप्रावि डाबरी, जीआईसी डाबरी, राप्रावि मैंदणी, राप्रावि बड़कासैंण, राप्रावि डोबरिया, राप्रावि डाबरियार में नौनिहालों की सुरक्षा को देखते हुए आगामी 22 दिसंबर तक अवकाश घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि सीईओ पौड़ी को अवकाश के अनुपालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर वन विभाग, पुलिस व राजस्व पुलिस को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। वहीं वन क्षेत्राधिकारी पोखड़ा नक्षत्र शाह ने बताया कि बामसू में गुलदार की गतिविधि बढ़ने पर विभाग की टीम ने गश्त बढ़ा दी है। पिंजरा लगाए जाने को लेकर अनुमति मांगी गई है।