ग्राम पंचायत विकास अधिकारी निलंबित
53 हजार के गबन का आरोप, न्याय पंचायत सिमलना/हर्षू में हैं सेवारत
संवाद न्यूज एजेंसी
पौड़ी। विकास खंड दुगड्डा में सेवारत एक ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को गबन व कार्यों के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने निलंबन आदेश जारी करते हुए उसे मुख्यालय अटैच कर दिया है।
विकास खंड दुगड्डा के न्याय पंचायत सिमलना/हर्षू में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी मनीष जुयाल सेवारत हैं। जुयाल पर न्याय पंचायत सिमलना/हर्षू में शामिल 8 ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी है, लेकिन उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विभागीय जांच में जुयाल पर ग्राम पंचायत केष्टा में 53 हजार की वित्तीय अनियमितता/गबन किए जाने का आरोप है। उन्होंने धनराशि की निकासी स्वयं के नाम से की है। जांच आख्या में जुयाल पर 8 आरोप लगाए गए हैं। जिनमें क्षेत्र की ग्राम पंचायता में प्रधानों को डोंगल उपलब्ध नहीं कराया जाना, ग्राम प्रधानों के पदभार संभालने संबंधी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जाने, डोंगल नहीं दिए जाने से प्रधानों को मानदेय जारी नहीं हो पाने, केंद्र व राज्य वित्त की विकास योजनाओं की धनराशि बिना प्रधानों की अनुमति के निकाले जाने, पंचायतों की कैशबुक को पूर्ण नहीं किए जाने, जीपीडीपी की बैठकों में प्रतिभाग नहीं किए जाने और स्वामित्व योजना के तहत कोई भी कार्य नहीं किए जाने का आरोप है।
जिला पंचायतराज अधिकारी एमएम खान ने बताया कि ग्राम पंचायत विकास अधिकारी मनीष जुयाल को 53 हजार के गबन और विभागीय कार्यों के प्रति गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित करते हुए डीपीआरओ कार्यालय संबद्ध किया गया है। उन्होंने कहा कि गबन की गई धनराशि को जल्द पंचायत के खाते में जमा नहीं किए जाने पर जुयाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।