पौड़ी। संवाद आर्ट की ओर से प्रेक्षागृह में शुक्रवार को गौरा देवी के जीवन, महिलाओं के संघर्ष और जल-जंगल-जमीन के संरक्षण के सवालों पर आधारित नाट्य प्रस्तुति दी गई। नाटक से स्थानीय लोगों की भागीदारी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को प्रभावी ढंग से मंचित किया गया।
नाटक में गौरा देवी की जीवन यात्रा को दर्शाया गया। दिखाया गयाकि महज 12 वर्ष की उम्र में उनका विवाह हो जाता है। बेटे के जन्म के बाद कम उम्र में ही पति की मृत्यु होने से परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ जाती है। इसके बाद वह गांव की महिलाओं को एकजुट करती हैं। जब ठेकेदार जंगलों के पेड़ों को काटने पहुंचते हैं तो गौरा देवी के नेतृत्व में महिलाएं इसका विरोध करती हैं। महिलाएं पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधती हैं और पेड़ों से लिपटकर जंगल बचाने के लिए रातभर डटी रहती हैं। नाटक का निर्देशन अनूप गुसाईं ने किया। सुधांशु नौडियाल, आयुष, श्रेयक, अदिति रुडोला, दृष्टि, ऋषभ और अर्चना आदि ने अभिनय किया। संवाद