- ग्रामीण क्षेत्रों में लोग लकड़ी और स्टोव पर खाना बनाने को मजबूर
- 18 हजार उपभोक्ताओं पर असर
श्रीनगर। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में इंडेन गैस सिलिंडर की आपूर्ति बाधित होने से करीब 18 हजार उपभोक्ता परेशान हैं। कई मोहल्लों और गांवों में तय तिथि पर सिलिंडर नहीं पहुंच पा रहे हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में डेढ़ महीने तक गैस की गाड़ी नहीं पहुंचने से लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। नगर में लोग इंडक्शन और स्टोव का सहारा ले रहे हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवार लकड़ियों पर खाना बनाने को मजबूर हैं।
नगर की मुख्य इंडेन गैस एजेंसी से कीर्तिनगर और देवप्रयाग ब्लॉक के कई गांव जुड़े हुए हैं। पुराना बैकलॉग होने के कारण गैस आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। उपभोक्ता रमेश प्रसाद, रविंद्र सिंह और सुनील ने बताया कि गैस की गाड़ी आने से पहले ही लंबी कतारें लग जाती हैं और लोगों को घर-ऑफिस का काम छोड़कर इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से व्यवस्था सुचारू करने की मांग की है।
इंडेन गैस एजेंसी के प्रभारी प्रबंधक एनके कपरवाण ने कहा कि नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में गैस आपूर्ति सुचारू करने के प्रयास जारी हैं और जल्द ही समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।
महंगे एलपीजी सिलिंडर से विश्वविद्यालय छात्र परेशान
श्रीनगर। एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को महंगे एलपीजी सिलिंडर के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर एआईडीएसओ छात्र संगठन ने एसडीएम के माध्यम से पौड़ी जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर छात्रों को घरेलू दरों पर गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन की मोनिका चौहान ने बताया कि विश्वविद्यालय में हॉस्टल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से बड़ी संख्या में छात्र किराए के कमरों में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में खाना बनाने के लिए एलपीजी सिलिंडर जरूरी है, लेकिन वर्तमान में स्टूडेंट आईडी पर 5 किलो का सिलिंडर करीब 1800 रुपये के कमर्शियल रेट पर मिल रहा है, जो आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों से आने वाले छात्रों के लिए बेहद महंगा है। उन्होंने कहा कि महंगे सिलिंडर के कारण छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन सौंपने वालों में निशा, अमित, ऋतुराज और तन्मय सहित अन्य छात्र शामिल रहे।