श्रीनगर विधान सभा क्षेत्र की वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण को ई-राजधानी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां विधान भवन और सचिवालय में ई-ऑफिस होंगे, जिससे समय और धन की बर्बादी रुकेगी। राजधानी में सब कुछ ऑनलाइन होगा।
शुक्रवार को वर्चुअल रैली के दौरान मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि जम्मू कश्मीर की भी दो राजधानियां हैं। वहां ट्रकों में सामान शिफ्ट होता है, जिसमें हर साल 200 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। राजधानी बदलने पर 20 दिन पहले फाइल पैक होनी शुरू होती हैं और 20 दिन बाद तक फाइल खुलती रहती हैं। इसमें धन का अपव्यय होता है। समय भी बहुत बर्बाद होता है। इसलिए तय किया गया है कि गैरसैंण ई राजधानी होगी, जिससे फाइलों का लाना और ले जाना बच जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में ई-कैबिनेट होती है। एक ई-कैबिनेट का मतलब है कि हम हर बार एक हरा पेड़ बचा रहे हैं। एक कैबिनेट में 50 रिम कागज लगते हैं। सचिवालय के अंदर 11 ई-डिपार्टमेंट हो गए हैं। पूरे प्रदेश के कार्यालयों को ई-आफिस करने का प्रयास है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला और एकमात्र राज्य हैं, जहां 500 कॉलेजों को वर्चुअल क्लास दी गई है। 700 और कॉलेजों के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस मौके पर विधायक और राज्यमंत्री डा. धन सिंह रावत , राज्यमंत्री दर्जाधारी मातबर रावत, जिलाध्यक्ष संपत रावत, महामंत्री जगत किशोर बड़थ्वाल, मीडिया प्रभारी गणेश भट्ट गणपति, मंडल अध्यक्ष गिरीश पैन्यूली व जिला मंत्री जितेंद्र रावत आदि मौजूद थे।
मुख्यमंत्री संबोधित करते रहे, नेता बातों में रहे मशगूल
श्रीनगर। वर्चुअल रैली का मुख्य कार्यक्रम श्रीनगर में एक वेडिंग प्वाइंट में था। यहां मौजूद कई भाजपा नेता मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान बातों में मशगूल दिखे। वहीं जब जिलाध्यक्ष शपथ दिला रहे थे, तो ज्यादातर ने ध्यान ही नहीं दिया।