कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के ड्रीम प्रोजेक्ट ठंडी सड़क पर एचएनबी केंद्रीय गढ़वाल विवि ने सवाल उठाए हैं। विवि के भू विज्ञानियों ने सड़क के लिए प्रस्तावित स्थान भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र है। साथ ही सड़क निर्माण से तीन दशक पुराने पेड़ों को नुकसान पहुंच रहा है। विवि की आपत्ति को देखते हुए कार्यदायी संस्था लोनिवि निर्माण खंड ने प्रस्तावित एलाइनमेंट का जीएसआई (जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया) सर्वेक्षण करवाने जा रहा है।
कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ. रावत ने अपने पिछले कार्यकाल में लोनिवि को धोबीघाट से श्रीकोट तक बस्ती के ऊपर से सड़क का प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए थे। सड़क को ठंडी सड़क का नाम दिया गया है। लगभग 10 किलोमीटर सड़क पौड़ी-श्रीनगर हाईवे को बदरीनाथ हाईवे से जोड़ रही है। साथ ही इससे नगर निगम श्रीनगर की कई आवासीय बस्तियों का सीधा संपर्क हो रहा है। सड़क बनाने का मकसद यह भी है कि खिर्सू और पौड़ी के लिए आवाजाही करने वाले वाहन यहां से गुजरें। इससे बाजार में जाम की समस्या नहीं होगी।
अब तक सड़क का चार बार सर्वेक्षण हो चुका है। सड़क गढ़वाल विवि के हेेप्रेक (उच्च शिखरीय पादप कार्यिकी शोध संस्थान) और टीचर्स कॉलोनी के ऊपर से भी गुजरेगी। इसे देखते हुए हाल में विवि के भू विज्ञानी प्रो. यशपाल सुंद्रियाल की टीम ने उक्त स्थान का सर्वेक्षण किया। टीम ने सड़क के एलाइनमेंट पर आपत्ति जता दी है। भू विज्ञानियों का कहना है कि जहां से सड़क गुजर रही है, वह स्थान भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र है। यदि यहां रोड कटिंग की गई, तो भविष्य में भूस्खलन से नुकसान उठाना पड़ेगा। इसके अलावा यहां विवि यहां विगत 30 सालों से उच्च शिखरीय औषधीय पौधों और पेड़ों का रोपण कर रहा है। वर्तमान में पेड़-पौधे काफी बड़े हो गए हैं। रोड कटिंग से बहुमूल्य औषधीय पादप खत्म हो जाएंगे। गढ़वाल विवि की आपत्ति के बाद जिला प्रशासन ने भी समस्या के हल निकालने के निर्देश पीडब्लूडी और एसडीएम को दिए हैं।
-सड़क के एलाइनमेंट पर गढ़वाल विवि को आपत्ति है। इसे देखते हुए जीएसआई को पत्र लिखकर विस्तृत सर्वेक्षण करने को कहा गया है। सर्वेक्षण की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई और डीपीआर बनाने का काम किया जाएगा। -आरपी नैथानी, अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी श्रीनगर